
नई दिल्ली। India-uS Trade deal: भारत और अमेरिका के बीच हुए ऐतिहासिक व्यापार समझौते के बाद मंगलवार को भारतीय वित्तीय बाजारों में जबरदस्त तेजी दर्ज की गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत के बाद घोषणा की कि भारतीय वस्तुओं पर अमेरिका का रेसिप्रोकल टैरिफ 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। इस फैसले से निर्यातकों को बड़ी राहत मिली है और बाजार में सकारात्मक माहौल बन गया।
India-uS Trade deal: : इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 119 पैसे की मजबूती के साथ 90.30 पर खुला, जो पिछले बंद स्तर 91.49 से काफी बेहतर है। फॉरेक्स विशेषज्ञों का कहना है कि टैरिफ में कटौती से भारत की व्यापारिक स्थिति मजबूत हुई है, जिससे विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) भारतीय शेयरों में वापसी कर सकते हैं। फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स के ट्रेजरी प्रमुख अनिल कुमार भंसाली ने कहा कि यह समझौता भारत को बांग्लादेश, पाकिस्तान जैसे पड़ोसियों से निर्यात में बढ़त देता है। लंबे समय से बिकवाली कर रहे FII अब खरीदारी की ओर मुड़ सकते हैं, हालांकि आगे आरबीआई के रुख पर नजर रहेगी।
India-uS Trade deal: वैश्विक स्तर पर डॉलर इंडेक्स 0.20 प्रतिशत गिरकर 97.43 पर रहा, जबकि ब्रेंट क्रूड 0.41 प्रतिशत लुढ़ककर 66.03 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा। घरेलू शेयर बाजार में भी धमाकेदार उछाल देखा गया सेंसेक्स 2,138 अंक (2.62%) चढ़कर 83,804.54 पर और निफ्टी 607 अंक (2.42%) बढ़कर 25,695.40 पर बंद हुआ।
India-uS Trade deal: हालांकि, 2025 में रुपया एशिया की सबसे कमजोर मुद्राओं में शुमार रहा, पूरे साल करीब 5 प्रतिशत और जनवरी में 2 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई। अगस्त से अमेरिकी टैरिफ दबाव के कारण बाजार प्रभावित थे। यह समझौता भू-राजनीतिक अनिश्चितता कम करता है और नए निवेश के लिए अनुकूल माहौल बनाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे रुपये की गिरावट पर ब्रेक लगेगा और रिकवरी की उम्मीद जगी है।










