बैकुंठपुर।  Holi of colors: जहां देशभर में इस वर्ष होली का पर्व 3 और 4 मार्च को मनाया जाएगा, वहीं सोनहत विकासखंड के वनांचल क्षेत्र में स्थित ग्राम पंचायत तंजरा ने सदियों पुरानी परंपरा निभाते हुए तीन दिन पहले ही होली का उत्सव मना लिया। पूरे गांव में रंग, गुलाल और उत्साह का अनोखा संगम देखने को मिला।

Holi of colors:   ग्रामीणों का मानना है कि यदि निर्धारित कैलेंडर तिथि पर होली मनाई जाए तो गांव पर किसी न किसी प्रकार की विपत्ति आती है। इसी आस्था और परंपरा के चलते तंजरा में वर्षों से होली तय तारीख से पूर्व मनाने की परिपाटी चली आ रही है।

Holi of colors:   होली के दिन मांदर की थाप पर पारंपरिक फगुवा गीत गूंजते रहे। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी रंगों में सराबोर होकर नाचते-गाते नजर आए। पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ-साथ डीजे की धुन पर भी ग्रामीणों ने जमकर नृत्य किया।

Holi of colors:   तीन दिन पहले रंगों में डूबा कोरिया जिले का गांव तंजरा , सदियों से चली आ रही है परम्परा वनांचल के इस छोटे से गांव में परंपरा और विश्वास के साथ मनाई गई होली ने एक बार फिर स्थानीय संस्कृति की अनूठी झलक पेश की। तंजरा की यह परंपरा क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।

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