बिलासपुर। Bird Flu in Bilaspur : शहर के कोनी स्थित पोल्ट्री फार्म में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद लगाए गए प्रतिबंध अब हटा लिए गए हैं। संक्रमण की पुष्टि के 17 दिन बाद प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में मानते हुए 10 किलोमीटर के सर्विलांस क्षेत्र से गुरुवार से पाबंदियां हटा दीं।
Bird Flu in Bilaspur : केंद्रीय और राज्य स्तरीय अधिकारियों की संयुक्त टीम ने तीन दिन तक हालात का निरीक्षण किया और अपनी रिपोर्ट में व्यवस्थाओं पर संतोष जताया। इसके आधार पर यह राहत दी गई है। 25 मार्च को बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद प्रशासन ने एक किलोमीटर के दायरे में पोल्ट्री गतिविधियां पूरी तरह बंद कर दी थीं। इस क्षेत्र में चिकन और अंडे की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया, वहीं 10 किलोमीटर के दायरे को निगरानी क्षेत्र घोषित कर होटल, ढाबों और बाजारों में भी बिक्री रोक दी गई थी।
Bird Flu in Bilaspur : संक्रमण पर नियंत्रण के लिए 22,808 पक्षियों को नष्ट किया गया। इसके अलावा 25,000 अंडे और 79 क्विंटल पोल्ट्री फीड भी नष्ट किया गया। पशु चिकित्सा महाविद्यालय के 1,900 मुर्गों को भी एहतियातन खत्म किया गया। राहत की बात यह रही कि जांच में शामिल 41 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई। इन प्रतिबंधों का सबसे अधिक असर पोल्ट्री कारोबार पर पड़ा। शहर के चिकन और अंडा व्यापारियों को 17 दिनों तक दुकानें बंद रखनी पड़ीं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ। पोल्ट्री फार्म संचालकों को भी चारा, बिजली और रखरखाव का खर्च उठाना पड़ा, जबकि बिक्री पूरी तरह ठप रही। कुल मिलाकर नुकसान करोड़ों रुपये तक पहुंच गया।
Bird Flu in Bilaspur : चिकन और अंडे की बिक्री पर रोक से होटल और ढाबा व्यवसाय भी बुरी तरह प्रभावित हुआ। इससे जुड़े लोगों की आमदनी पर सीधा असर पड़ा। हालांकि स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। पोल्ट्री फार्म के एक किलोमीटर दायरे में अगले तीन महीनों तक चिकन और अंडे की बिक्री पर प्रतिबंध जारी रहेगा। वहीं, पूरा पोल्ट्री फार्म छह महीने तक बंद रहेगा और इस दौरान लगातार साफ-सफाई व सैनिटाइजेशन किया जाएगा। पशुपालन विभाग के संयुक्त संचालक डॉ. एस.एस. तंवर के अनुसार, सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एहतियाती कदम जारी रहेंगे। वहीं कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बताया कि टीम की रिपोर्ट के आधार पर ही प्रतिबंधों में ढील दी जा रही है।










