Cyclone Arnab updates: भुवनेश्वर/रायपुर। चक्रवात ‘अर्नब’ (Cyclone Arnab) का असर अब तटीय इलाकों से लेकर छत्तीसगढ़ तक साफ दिखने लगा है। ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में मूसलाधार बारिश हो रही है, वहीं एहतियात के तौर पर गंजाम जिले के गोपालपुर बंदरगाह पर आंध्र प्रदेश की 34 मछली पकड़ने वाली नावों को सुरक्षित शरण दी गई है। प्रशासन ने 26 से 29 अक्टूबर तक समुद्र में जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी है और लगातार गश्त की जा रही है।
छत्तीसगढ़ में भी छाए बादल, बदला मौसम
साइक्लोन के प्रभाव से राजधानी रायपुर समेत छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल गया है। रायपुर में आसमान पर घने बादल छाए हुए हैं और ठंडी हवाएं चल रही हैं। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से आधिकारिक पूर्वानुमान का पालन करने की अपील की गई है।
बस्तर में 24 घंटे की निगरानी
चक्रवात के कारण होने वाली भारी बारिश और बाढ़ की आशंका को देखते हुए बस्तर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। जगदलपुर जिला मुख्यालय में विशेष बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जो 26 से 31 अक्टूबर तक 24 घंटे काम करेगा। अधिकारियों और कर्मचारियों की चार अलग-अलग पालियों में ड्यूटी लगाई गई है। यह टीम केंद्रीय जल आयोग के संपर्क में रहकर इंद्रावती नदी के जलस्तर और बारिश की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही है।
नदियों से लगे गांवों पर खास नजर
संवेदनशील इलाकों और नदियों के किनारे बसे गांवों पर खास नजर रखने के लिए 13 नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। जगदलपुर, बकावण्ड, लोहण्डीगुड़ा और बस्तर तहसील के संवेदनशील क्षेत्रों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क किया जा रहा है। आपात स्थिति से निपटने के लिए 18 से अधिक राहत शिविर तैयार किए गए हैं, साथ ही एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और नगर सेना की टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
दंतेवाड़ा और सुकमा में स्कूल 29 को बंद
चक्रवात की चेतावनी के मद्देनजर सुकमा और दंतेवाड़ा जिले में एहतियात बरतते हुए सभी सरकारी और निजी स्कूलों में 29 अक्टूबर को एक दिन का अवकाश घोषित किया गया है। प्रशासन ने किसानों और आम नागरिकों को नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की हिदायत दी है। मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए पूरे प्रदेश में प्रशासनिक अमला पूरी तरह सतर्क है।

