Naxlites Surrendered : जगदलपुर/सुकमा। बस्तर में अभी भी कई नक्सली जंगलों में छिपकर समय काट रहे हैं और जमीन के नीचे हथियार-गोला बारूद गाड़ कर रखे हुए हैं। सुरक्षा बलों की लगातार सर्चिंग में यही हथियारों के जखीरे अब बाहर निकल रहे हैं। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के 3 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर आंध्र के पोलावरम पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया है।
सरेंडर करने वाले नक्सलियों में तीनों सुकमा के चिंतलनार थाना क्षेत्र के पेंटापाड़ के रहने वाले हैं। इनमें माड़वी कोइंदा, हेमला रजनी और कोवासी जोगी शामिल हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, तीनों लंबे समय से छत्तीसगढ़-आंध्र बॉर्डर पर सक्रिय थे। लगातार हो रहे ऑपरेशन और संगठन कमजोर पड़ते जाने के कारण उन्होंने मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। अब आंध्र की पुनर्वास नीति के तहत उनकी आगे की प्रक्रिया होगी।

दो जगहों से हथियारों का जखीरा बरामद
उधर दो अलग-अलग जगहों से हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद हुआ है। गढ़चिरौली पुलिस की विशेष टीम ने वांगेटूर थाना क्षेत्र के मचुवांचा के घने जंगल में सर्च ऑपरेशन चलाया। जमीन में डंप करके रखे गए हथियार 1 बैरल बोर राइफल, 3 सिंगल शॉट राइफल, 1 एयरगन, 100 नग सुतली बम और वायरलेस सेट मिले। विस्फोटकों को मौके पर ही नष्ट किया गया

इधर सुकमा के कुकानार थाना क्षेत्र के दुमनपारा-जोंगेरास के पहाड़ी जंगल में जिला पुलिस, डीआरजी और बस्तर फाइटर्स ने संयुक्त कार्रवाई की। यह इनपुट भी सरेंडर करने वाले नक्सलियों से ही मिला था। यहां से 5 किलो और 3 किलो के दो टिफिन आईईडी, 14 जिलेटिन रॉड, 80 डेटोनेटर, 30 मीटर कॉर्डेक्स वायर, 14 जिंदा कारतूस, 14 बीजीएल बम, वायरलेस सेट, चार्जर और वर्दी समेत कुल 23 तरह का सामान मिला। सुकमा एएसपी मनोज तिर्की ने इसकी पुष्टि की है।

