Honey bee attacks: अंबिकापुर (fourthline) l छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग के अंतर्गत आने वाले वनांचल क्षेत्रों में जंगलों पर निर्भर रहने वाले ग्रामीणों का जीवन कठिनाइयों से भरा होता है। कई बार उन्हें अपनी जान से भी हाथ धोना पड़ता है। ताजा मामला जयनगर थाना क्षेत्र के लटोरी चौकी अंतर्गत ग्राम कल्याणपुर का है। जहां जंगल में ईंधन के लिए लकड़ी लेने गए 40 वर्षीय ग्रामीण पर मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया। मधुमक्खियों के सैकड़ों डंकों से बुरी तरह घायल ग्रामीण ने अस्पताल में इलाज के दौरान अंततः दम तोड़ दिया।
पहले भी हो चुके हैं कई हमले
अंबिकापुर और आसपास के क्षेत्रों में हाल के दिनों में मधुमक्खियो के हमलों की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें कुछ लोगों की जान भी गई है और कई लोग घायल हुए हैं। पिछले माह अंबिकापुर के पास जंगल में लकड़ी इकट्ठा करने गए ग्रामीण रविदास पर मधुमक्खियों के एक आक्रामक झुंड ने अचानक हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी साथी ग्रामीण महिला किसी तरह जान बचाने में सफल रही।

खेत में काम करते हमला
इसी तरह खेत में काम कर रहे पति-पत्नी पर मधुमक्खियों के हमले से महिला की मौत हो गई थी। लखनपुर क्षेत्र के उड़द के खेत में काम कर रहे एक ही परिवार के 4 लोगों (जिसमें 4 साल की मासूम बच्ची और बुजुर्ग शामिल थे ,मधुमक्खियों ने हमला कर दिया था। पिता ने अपनी बेटी को गोद में लेकर शरीर से ढककर उसकी जान बचाई, जबकि घायलों को अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।
वन विभाग की एडवाइजरी
जिले के मैनपाट, खैरबार, उदयपुर और लटोरी क्षेत्रों में भी पहले इस तरह के हमलों से कई मौतें और लोग घायल हो चुके हैंl ,सरगुजा के वन अधिकारियों ने मधुमक्खियों के हमले से बचाव और सुरक्षा के लिए एडवाइजरी जारी की है ।
यदि वे जंगल, खेत या पेड़ों के पास जाएं, तो वहां बने बड़े छत्तों (Beehives) से सतर्क रहें।
डंक लगने पर तुरंत अस्पताल पहुंचे़
अचानक मधुमक्खियां उड़ने लगें तो शोर न मचाएं, दौड़कर भागने के बजाय मुंह और सिर को किसी मोटे कपड़े या कंबल से ढंककर सुरक्षित स्थान की ओर छिपने का प्रयास करें। गंभीर स्थिति या डंक लगने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल से संपर्क करने कहा गया है।

