नई दिल्ली/बिलासपुर। Amit Jogi gets life imprisonment : छत्तीसगढ़ के चर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड मामले में अमित जोगी को बिलासपुर हाईकोर्ट के आजीवन कारावास के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली । हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ अमित जोगी ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की थी। सोमवार को इस मामले में सुनवाई हुई मगर उन्हें राहत नहीं मिली। उन्हें जेल जाना होगा।
Amit Jogi gets life imprisonment: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ अमित जोगी ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की थी। सोमवार को इस मामले में सुनवाई हुई मगर उन्हें राहत नहीं मिली। उन्हें जेल जाना होगा। हाई कोर्ट ने तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और धारा 120-बी (अपराधिक षड्यंत्र) के तहत दोषी ठहराया है। कोर्ट ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि जब सभी आरोपियों पर एक ही अपराध में सहभागिता का आरोप हो, तो किसी एक आरोपी के पक्ष में कृत्रिम भेदभाव नहीं किया जा सकता।साथ ही 1,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में छह माह की अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा का प्रावधान किया गया है।
Amit Jogi gets life imprisonment: हाई कोर्ट का यह फैसला 31 मई 2007 के ट्रायल कोर्ट के उस फैसले को पूरी तरह पलट दिया है जिसमें स्पेशल जज (एट्रोसिटी) रायपुर ने अमित जोगी को बरी कर दिया था, जबकि चिमन सिंह, याह्या ढेबर, अभय गोयल और फिरोज सिद्दीकी सहित अन्य 28 आरोपियों को सजा सुनाई गई थी। CG Breaking: हाई कोर्ट ने साफ कहा कि “एक ही गवाही के आधार पर कुछ आरोपियों को दोषी ठहराया जाना और मुख्य साजिशकर्ता को बरी कर दिया जाना कानूनी रूप से असंगत और गलत है।
कब हुआ था जग्गी हत्याकांड
1.4 जून, 2003 को एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
2.इस मामले में 31 अभियुक्त बनाए गए थे, जिसमें से बल्टू पाठक और सुरेंद्र सिंह सरकारी गवाह बन गए थे।
3.28 लोगों को सजा मिली थी, जबकि अमित जोगी को बरी कर दिया गया था।
4.इसके बाद रामअवतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने अमित जोगी को बरी करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, जिस पर जोगी के पक्ष में स्टे लगा था. बाद में SC ने केस को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट भेज दिया।
5.हाई कोर्ट ने अमित जोगी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।










