• यह भी पूछा- नाइट लैंडिंग लाइसेंस मिलने के बाद संचालन के लिए क्या पर्याप्त स्टाफ है ?
• समर शेड्यूल में उड़ानों की संख्या क्या होगी इसकी भी विस्तृत जानकारी मांगी

बिलासपुर। Bilaspur airport :   हाई कोर्ट में चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद अग्रवाल की खंडपीठ मैं बिलासपुर हवाई सुविधा विस्तार से जुड़ी जनहित याचिकाओं की सुनवाई हुई।  खंडपीठ ने कहा कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार कुछ कार्य करते तो दिखाई दे रहे हैं अतः उन्हें और समय प्रदान किया जाना उचित होगा।

Bilaspur airport :   हाई कोर्ट की खंडपीठ ने आज अपने आदेश में राज्य सरकार के विमानन विभाग के संचालक को आधारभूत संरचना की वर्तमान स्थिति और उसमें किए जाने वाले नए कामों, नाइट लैंडिंग सुविधा हो जाने के बाद वर्तमान में मौजूद स्टाफ की स्थिति और समर शेड्यूल में किन उड़ानों का परिचालन होगा, इस पर एक शपथ पत्र देने के निर्देश दिए।

Bilaspur airport :  आज एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की तरफ से अधिवक्ता अनुमेह श्रीवास्तव ने बिलासपुर एयरपोर्ट नाइट लैंडिंग के संबंध में जारी नोटिस टू एयरमैन जिसे शॉर्ट में नोटाम कहा जाता है की प्रति फाइल की। इसके तहत 30 दिन के बाद बिलासपुर एयरपोर्ट नाइट लैंडिंग में विमान को उतारने के लिए खुल जाएगा। केंद्र सरकार की ओर से अधिवक्ता रमाकांत मिश्रा और राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शशांक ठाकुर ने खंडपीठ को इस बात से अवगत कराया कि राज्य और केंद्र सरकार बिलासपुर एयरपोर्ट में आगे और कार्य करने के लिए तत्पर हैं। याचिककर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आशीष श्रीवास्तव ने नाइट लैंडिंग सुविधा के लिए पर्याप्त स्टाफ की कमी का जिक्र करते हुए कहा क अगर यह स्टाफ नहीं रहेगा तो नाइट लैंडिंग सुविधा पूरे टाइम नहीं मिल पाएगी।

Bilaspur airport :  अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव ने भी इस बात का समर्थन करते हुए यह भी बताया कि राज्य सरकार ने जो फंड बिलासपुर एयरपोर्ट विकास के लिए आवंटित किए हैं, उन्हें किस-किस कार्य में खर्च किया जाना है इस पर भी अभी कोई स्थिति साफ नहीं है । अतः यह साफ होना चाहिए कि क्या-क्या काम भविष्य में किए जाएंगे। दोनों ही अधिवक्ताओं ने समर शेड्यूल में उड़ानों की संख्या पर्याप्त किए जाने की मांग की । वही सुदीप श्रीवास्तव ने विशेष रूप से प्रयागराज की उड़ान में कमी किए जाने का जिक्र किया।

Bilaspur airport :   खंडपीठ ने आज की सुनवाई स्थगित करते हुए अगली सुनवाई मार्च के महीने में किए जाने के निर्देश दिए हैं तब तक राज्य सरकार के विमानन में विभाग के संचालक उपरोक्त सभी बातों पर एक विस्तृत शपथ पत्र दाखिल करेंगे।

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