• राज्य सरकार और अलायंस एयर समर शेड्यूल सितंबर तक का एक साथ जारी करें
बिलासपुर। Bilaspur airport : हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने राज्य सरकार और अलायंस एयर कंपनी से यह मांग की है कि वह बिलासपुर से चलने वाली उड़ानों के बारे में असमंजस की स्थिति को समाप्त करें और पूरा गर्मी का सीजन सितंबर माह तक का समर शेड्यूल एक साथ जारी करें।
Bilaspur airport : गौरतलब है कि 28 मार्च को विंटर शेड्यूल समाप्त होने के बाद एलाइंस एयर के द्वारा पहले 15 अप्रैल तक और अब 16 अप्रैल से 30 अप्रैल का फ्लाइट शेड्यूल जारी किया गया है। 16 अप्रैल से लागू शेड्यूल 11 अप्रैल की रात को जारी हुआ है अब अगर इन चार-पांच दिनों में उड़ान में यात्रियों की संख्या कम होगी तो यह कहा जाएगा कि बिलासपुर से यात्री नहीं मिलते जबकि सच्चाई यह है कि लोग कम से कम 8- 10 दिन पहले फ्लाइट टिकट बुक कर लेते हैं। केवल अचानक जाने वाले लोग ही आखिरी तीन-चार दिन में बुकिंग करते हैं।
Bilaspur airport : हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने इस स्थिति के लिए राज्य सरकार के स्तर पर और अलायंस एयर के स्तर पर लापरवाही को दोषी ठहराया है क्योंकि राज्य सरकार एयरलाइन को सब्सिडी दे रही है ।अतः रूटों का निर्धारण, चलने वाली उड़ानों की संख्या का निर्धारण आदि में राज्य सरकार की भूमिका होती है। यह कार्य 6-6 महीने के एडहॉक तरीके से किया जा रहा है जबकि केंद्र सरकार ने अपनी सब्सिडी योजना में 3 साल की समय सीमा रखी थी। समिति ने मांग की की राज्य सरकार भी कम से कम 3 साल के लिए एयरलाइन से अनुबंध करे और किसी भी रूट पर लगातार विश्वसनीय तरीके से उड़ानें संचालित हो।
Bilaspur airport : समिति ने यह मांग की है कि ओपन टेंडर के माध्यम से विभिन्न एयरलाइंस कंपनी को बुलाकर 3 साल अलग-अलग सेक्टर में उड़ानों को संचालित करने के लिए आमंत्रित किया जाए। ऐसा होने पर हर महीने होने वाला या असमंजस समाप्त होगा और यात्रियों में भरोसा जाएगा के लंबे समय तक बिलासपुर से हवाई उड़ान मिलने वाली है और यात्री बिलासपुर से हवाई यात्रा करना पसंद करेंगे।
Bilaspur airport : हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति का महा धरना आज भी जारी रहा। धरने में बद्री यादव ,अनिल गुलहरे, रवि बनर्जी , डॉक्टर प्रदीप राही, ऋषि राज गौतम , रामशरण यादव , परसराम केवट, चंदन केवट , समीर अहमद बबला, शिरीष कश्यप , चित्रकांत श्रीवास, संतोष पीपलवा, महेश दुबे टाटा , प्रतीक तिवारी , मनोज तिवारी , संदीप बाजपेई, प्रकाश बहरानी, विभूतिभूषण गौतम , रमाशंकर बघेल , मजहर खान, अखिल अली और सुदीप श्रीवास्तव शामिल थे।










