रायपुर। Chinese kite string : मकर संक्रांति पर पतंगबाजी की परंपरा को देखते हुए दुकानदार पतंग, मांझा का स्टाक करने लगे हैं। इन खबरों के बीच राजधानी रायपुर में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय कार्यालय और रायपुर नगर पालिका निगम की संयुक्त टीम ने शहर के सदर बाजार, बूढ़ातालाब और गोलबाजार क्षेत्र में पतंग दुकानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान तीन दुकानों से काफी मात्रा में प्रतिबंधित चाइनीज मांझा जब्त किया गया।
Chinese kite string : सिटी पतंग भंडार, बूढ़ातालाब से 2 किलो, मोती पतंग भंडार, बूढ़ातालाब से 1 किलो और संजय पतंग भंडार, सदर बाजार से डेढ़ किलो मांझे की जब्ती शामिल है। गोलबाजार के संगम काइट सेंटर का भी निरीक्षण किया गया, जहां प्रतिबंधित मांझा नहीं पाया गया।प्रशासन ने सभी दुकान संचालकों को सख्त चेतावनी दी है कि भविष्य में चाइनीज मांझा मिलने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई पर्यावरण संरक्षण और जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए की गई है।
चाइनीज मांझा खतरनाक
Chinese kite string : चाइनीज मांझा सिंथेटिक नायलॉन के धागे से बना होता है, जिस पर कांच या धातु का पाउडर चढ़ाया जाता है। यह बेहद तेज और मजबूत होता है और आसानी से मानव त्वचा, गला या अंग काट सकता है। विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह घातक साबित हो सकता है। इसके अलावा, यह गैर-बायोडिग्रेडेबल है और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है। पक्षी इसके धागे में उलझकर घायल हो जाते हैं या मर जाते हैं। पारंपरिक सूती मांझे की तुलना में यह कहीं अधिक खतरनाक है, क्योंकि यह आसानी से नहीं टूटता और बिजली के तारों पर चढ़कर करंट का कारण भी बन सकता है।राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने 2017 में पूरे देश में चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध लगा दिया था। छत्तीसगढ़ में भी 2017 से यह पूरी तरह प्रतिबंधित है, लेकिन त्योहारों के समय इसकी अवैध बिक्री और उपयोग लगातार जारी रहती है।










