नई दिल्ली। Crude Oil Price hike: दुनिया भर के ऊर्जा बाजार में उस वक्त हड़कंप मच गया जब कच्चे तेल की कीमतें अचानक 110 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गईं। बुधवार शाम से शुरू हुआ ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों का उछाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। 18 मार्च 2026 के कारोबारी सत्र के दौरान तेल की कीमतें 111.90 डॉलर प्रति बैरल के रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंच गईं, जिसने वैश्विक अर्थव्यवस्था की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
Crude Oil Price hike: दरअसल, गुरुवार सुबह इजरायल द्वारा दुनिया के सबसे बड़े प्राकृतिक गैस क्षेत्र साउथ पार्स पर हमला किए जाने की खबर ने आग में घी डालने का काम किया है। इसके साथ ही ईरानी मिसाइल हमलों में कतर के प्रमुख गैस केंद्र रास लाफान औद्योगिक शहर को भी निशाना बनाए जाने की खबरें आ रही हैं। इस युद्ध जैसी स्थिति के कारण बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड वायदा की कीमतें फिर से 100 डॉलर से बढ़कर लगभग 112 डॉलर प्रति बैरल तक जा पहुंची हैं।
Crude Oil Price hike: ग्लोबल मार्केट डेटा के अनुसार, कच्चे तेल के हर सेगमेंट में तेजी देखी जा रही है। जहां ब्रेंट क्रूड 111.90 डॉलर प्रति बैरल के साथ उच्चतम स्तर पर पहुंच चुका है। WTI क्रूड की कीमत भी बढ़कर 97.58 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई है।गौरतलब है कि अगर तेल की कीमतें लंबे समय तक इसी ऊंचे स्तर पर बनी रहीं, तो भारत समेत पूरी दुनिया में महंगाई का ग्राफ तेजी से ऊपर जाएगा। इससे आने वाले दिनों में ब्याज दरों में कटौती (Rate Cut) की उम्मीदें भी धूमिल हो सकती हैं।
भारतीय बाजार और निवेशकों पर असर
ग्लोबल और भारतीय शेयर बाजारों में फिलहाल भारी अस्थिरता का माहौल बना हुआ है। जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में जॉबलेस क्लेम्स, मैन्युफैक्चरिंग डेटा और ट्रेजरी ऑक्शन जैसे आंकड़ों पर सबकी नजर रहेगी। प्रशासन और आर्थिक विशेषज्ञ फिलहाल वैश्विक हालात पर नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि खाड़ी देशों में तनाव बढ़ने का सीधा मतलब भारत के लिए आयात बिल का बढ़ना है।










