बिलासपुर। Delimitation of wards under pressure: नगर निगम के वार्डों का परिसीमन 2019 में किया गया था वो भी इसलिए क्योंकि नगर निगम की नयी सीमा बनी थी, जिसमे 18 नये वार्डों को जोड़ा गया था। नगर निगम में ।15 ग्रामीण निकायों को और 3 नगरी निकायों को शामिल किए जाने के बाद नगर निगम की जनसंख्या B श्रेणी की बनानी थी जो बिलासपुर की मांग थी।

Delimitation of wards under pressure: कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक शैलेष पाण्डेय ने कहा है कि एक बार परिसीमन हो जाने  के बाद अब परिसीमन की जरूरत नहीं थी क्योंकि वार्ड की जनता को फिर से सीमा विभाजन और नये पार्षद और नए वार्ड की परेशानी होगी और उनकी रोज की ज़रूरतों के लिए फिर से परेशानी का सामना करना पड़ेगा। बीजेपी के नेताओं और मंत्री की शह पर दबाव बनाकर वार्डों को बीजेपी को लाभ पहुँचाने के लिए नया परिसीमन किया जा रहा है और वार्डो को बिखेर दिया गया है।जनसंख्या का भी संतुलन नहीं देखा गया है।

Delimitation of wards under pressure: कांग्रेस की परिसीमन कमेटी ने नये परिसीमन को लेकर और शहर की जनता को परेशानी आने वाली है। बीजेपी ने आने वाले निगम चुनाव को देखते हुए लाभ की दृष्टि से परिसीमन कराया है, जिससे वार्डो का संतुलन बिगड़ गया है और विशेष रूप से जो कांग्रेस के वार्ड थे, उनको उजाड़ दिया गया है। कांग्रेस अपनी रणनीति बना रही है और आने वाले समय में इसका जवाब देगी। जनता को जो परेशानी आएगी उस के लिए कांग्रेस लड़ाई लड़ेगी।

Previous articleGuru Purnima celebration in schools: छत्तीसगढ़ के सभी स्कूलों में प्रवेशोत्सव के बाद गुरू पूर्णिमा उत्सव , राज्य सरकार ने जारी किये ये दिशानिर्देश
Next articleNew order of General Administration: ट्रांसफर के 5 दिनों के भीतर ज्वाइनिंग नहीं तो माना जाएगा कार्यमुक्त, छत्‍तीसगढ़ सामान्य प्रशासन का नया आदेश

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here