• विधायक के गांव पटना में विष्णु महायज्ञ का भव्य आयोजन
सूरजपुर। Lord Vishnu Mahayagya :  लोक आस्था के प्राचीन केंद्र पटना स्थित श्री विष्णु मंदिर में आगामी महायज्ञ को लेकर तैयारियाँ पूरे जोर-शोर से चल रही हैं। यह मंदिर केवल धार्मिक आस्था ही नहीं, बल्कि एक अलौकिक घटना की स्मृति भी समेटे हुए है। भगवान विष्णु की यहां स्थापित मूर्ति के प्रकट होने की कथा आज भी श्रद्धालुओं को रोमांचित और भावविभोर कर देती है।

Lord Vishnu Mahayagya : बताया जाता है कि 9 जून 1992 को आई भीषण आंधी-तूफान में कई पेड़ धराशायी हो गए थे। उन्हीं में से एक वीजा वृक्ष की जड़ों के नीचे लोगों ने भगवान विष्णु की दिव्य मूर्ति को देखा। इस अद्भुत घटना के बाद पूरे क्षेत्र में आस्था की लहर दौड़ पड़ी। ग्रामीणों के सहयोग से मंदिर का निर्माण हुआ और मूर्ति को विधिवत स्थापित किया गया। तभी से यह स्थान श्रद्धा और विश्वास का प्रमुख केंद्र बन गया।

Lord Vishnu Mahayagya : अब एक बार फिर पटना गांव भक्ति और आस्था के महासंगम का साक्षी बनने जा रहा है। 19 जनवरी से 27 जनवरी तक ग्राम पंचायत पटना के पावन गंवहा सरना प्रांगण में श्री श्री 11 कुण्डीय विष्णु महायज्ञ एवं श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन विधायक भूलन सिंह मरावी के संरक्षण में ग्रामवासियों द्वारा किया जा रहा है।यज्ञ एवं कथा का सानिध्य यज्ञाचार्य बाबा रामदास जी महाराज (वाराणसी) तथा श्रीमद् भागवताचार्य श्री अरुणाचार्य महाराज (श्रीधाम वृंदावन) प्रदान करेंगे।यज्ञ की शुरुआत 19 जनवरी को भव्य कलश यात्रा से होगी। पूरे नौ दिनों तक कथा, पूजन एवं धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे, जबकि 27 जनवरी को तर्पण एवं विशाल भंडारे के साथ यज्ञ का समापन किया जाएगा।

Lord Vishnu Mahayagya : गौरतलब है कि इससे पूर्व भी विधायक भूलन सिंह मरावी ने सरपंच व जिला पंचायत सदस्य रहते हुए ग्रामवासियों के साथ मिलकर यह महायज्ञ का आयोजन कराया था। वर्षों बाद एक बार फिर इस ऐतिहासिक यज्ञ के आयोजन को लेकर क्षेत्र में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। तैयारियों की स्वयं विधायक लगातार समीक्षा कर रहे हैं, वहीं उनके प्रतिनिधि संत साहू सहित ग्रामवासी आयोजन को सफल बनाने में जुटे हुए हैं।

Lord Vishnu Mahayagya :  यज्ञ में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री सहित कई कैबिनेट मंत्रियों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। इसे देखते हुए विशेष तैयारियाँ की जा रही हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि भगवान विष्णु के प्रति पटना गांव की आस्था वर्षों पुरानी है। 1992 की उस अलौकिक घटना के बाद से यहां नित्य पूजा-पाठ और धार्मिक गतिविधियाँ निरंतर चलती आ रही हैं। ऐसे में यह महायज्ञ न केवल धार्मिक आयोजन है, बल्कि क्षेत्र की आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक चेतना का भव्य उत्सव भी है।

धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों की समृद्ध परंपरा

Lord Vishnu Mahayagya : गौरतलब है कि इससे पूर्व भी पटना गांव में विधायक भूलन सिंह मरावी के नेतृत्व में रामचरितमानस गायन प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया जा चुका है। इस आयोजन में दूर-दराज़ क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष प्रतिभागियों ने सहभागिता की थी। प्रतियोगिता के दौरान रामकथा के सुमधुर गायन से पूरा क्षेत्र भक्तिरस में डूब गया था और गांव-गांव तक राम नाम की गूंज सुनाई दी थी।इस सफल आयोजन ने पटना गांव को धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र के रूप में एक नई पहचान दिलाई, जिसकी स्मृति आज भी क्षेत्रवासियों के मन में जीवंत है।

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