रियो डी जेनेरो । Operation Rio Pacificado : ब्राजील के रियो डी जेनेरो शहर में पुलिस और ड्रग माफिया के बीच युद्ध जैसी स्थिति बन गई है। मंगलवार को शुरू हुए ‘ऑपरेशन रियो पैसिफिकाडो’ के दौरान पुलिस ने कुख्यात ड्रग सिंडिकेट Comando Vermelho के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है।
Operation Rio Pacificado : इस भारी पुलिस ऑपरेशन में अब तक 60 ड्रग तस्कर मारे जा चुके हैं, जबकि 4 पुलिसकर्मी भी शहीद हुए हैं। कुल 64 लोगों की मौत के बाद रियो की गलियां गोलियों की आवाज और धमाकों से गूंज रही हैं। पुलिस हेलिकॉप्टर से बम बरसा रही है, वहीं ड्रग माफिया ने ड्रोन से बम गिराकर जवाबी हमला किया है। रियो की राज्य सरकार के अनुसार, अभियान में लगभग 2,500 पुलिसकर्मी और सैन्यकर्मी शामिल हैं। अब तक 81 संदिग्ध गिरफ्तार किए जा चुके हैं, इसके अलावा 75 से अधिक राइफल्स, 200 किलो कोकीन और बड़ी मात्रा में नकदी भी बरामद की गई है। गवर्नर क्लाउडियो कास्त्रो ने बयान जारी कर कहा है कि 60 अपराधियों को न्यूट्रलाइज कर दिया गया है। यह अभियान रियो को अपराधमुक्त करने की दिशा में निर्णायक कदम है।
‘रेड कमांडो’ का खूनी नेटवर्क
Operation Rio Pacificado : रेड कमांडो, ब्राजील का सबसे पुराना और प्रभावशाली ड्रग माफिया संगठन है। इसकी शुरुआत 1970 के दशक में जेलों में हुई थी और अब यह अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क के रूप में फैल चुका है। यह गिरोह न केवल ड्रग और हथियार तस्करी, बल्कि भूमि कब्जा और स्थानीय लोगों से सुरक्षा टैक्स वसूली जैसे अपराधों में भी शामिल है।माफिया गिरोह के सदस्यों ने पुलिस पर ड्रोन से बम गिराए, कई जगहों पर सड़कें बंद की और 50 से अधिक बसों को कब्जे में लिया।
Operation Rio Pacificado : रियो की गलियों में ड्रग लॉर्ड्स की लाशें बिखरी पड़ी हैं, जबकि कई इलाकों में स्कूल और विश्वविद्यालय सुरक्षा कारणों से बंद कर दिए गए हैं।रियो पुलिस ने कहा कि अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक ड्रग नेटवर्क की जड़ें पूरी तरह उखाड़ नहीं दी जातीं। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, यह ऑपरेशन माफिया के समूल विनाश के मिशन के रूप में चलाया जा रहा है। पुलिस ढूंढ़-ढूंढ़कर ड्रग माफिया का सफाया कर रही है।










