रायपुर।  Pensioners Federation:  भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री और छत्तीसगढ़ प्रदेश पेंशनर्स महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष वीरेंद्र नामदेव सहित दोनों संगठनों के राष्ट्रीय स्तर, छत्तीसगढ़ राज्य स्तर तथा संभाग और जिला स्तर के अनेक पदाधिकारियों,  और विभिन्न जिलों के वरिष्ठ सदस्यों ने केंद्रीय बजट 2026–27 पर अपनी प्रतिक्रिया दी है ।

Pensioners Federation:   उन्होंने आज यहाँ जारी संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि इस बजट से उम्मीद की जा रही थी कि देश भर के करोड़ों पेंशनरों को इन्कम टैक्स से राहत मिलेगी, लेकिन उनको निराश होना पड़ा है । संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमन से आग्रह किया गया है कि आगामी दिनों में संसद में होने वाली बजट चर्चा के दौरान यदि सम्पूर्ण पेंशन को आयकर से मुक्त करना संभव नहीं होगा , तो बेसिक पेंशन पर मिलने वाली महँगाई राहत (डी.आर.) को ही आयकर से मुक्त करने की घोषणा कर दी जाए ।वर्तमान प्रावधानों के अनुसार बेसिक पेंशन के साथ महँगाई राहत (डी. आर.)को मिलाकर कुल कर योग्य आमदनी की गणना की जाती है । इससे पेंशनरों पर आयकर का बोझ बढ़ जाता है ।

Pensioners Federation:    श्री नामदेव और पेंशनर्स संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा कि पेंशन कोई अतिरिक्त आमदनी नहीं, बल्कि जीवनभर की सुदीर्घ सरकारी सेवाओं के बाद जीवनयापन के मिलने वाली एकमात्र  सामाजिक सुरक्षा है। सेवानिवृत्ति के बाद पेंशनर इसी राशि से अपने लिए इलाज, दवाइयों और दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति करता है। कई पेंशनरों को अपने आश्रित परिवारजनों का खर्च भी पेंशन की राशि से करना पड़ता है ।ऐसी स्थिति में पेंशन अथवा उस पर मिलने वाली महँगाई राहत पर आयकर लगाना उचित नहीं  है।

Pensioners Federation:   उन्होंने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में यह भी कहा कि यदि पेंशन या  डी.आर.की राशि को आयकर से मुक्त किया जाता है, तो यह राशि सीधे घरेलू खर्चों में लगेगी, जिससे न केवल पेंशनरों को वास्तविक राहत मिलेगी,बल्कि यह राशि पेंशनरों के माध्यम से बाज़ार में जाएगी ।इससे पेंशनरों सहित आम नागरिकों की भी क्रय -शक्ति बढ़ेगी और बाज़ार में महँगाई की रफ़्तार कम होगी ।इसके फलस्वरूप बाज़ार  और देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

Pensioners Federation:   संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में  कहा गया है कि कल एक फरवरी को संसद में प्रस्तुत आम बजट 2026–27 से देश के करोड़ों पेंशनरों और वरिष्ठ नागरिकों को आयकर के बोझ से ठोस राहत की उम्मीद थी, लेकिन उन्हें निराश होना पड़ा । इस बजट में आठवें वेतन आयोग,वरिष्ठ नागरिकों को रेल यात्रा में छूट,
65 वर्ष की आयु से अतिरिक्त पेंशन,परिवार पेंशनरों को 50 प्रतिशत पेंशन,तथा पेंशन सारांशीकरण (कम्यूटेशन) की अवधि में कमी जैसे महत्वपूर्ण और वर्षों से लंबित मुद्दों पर भी कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की गई है । बजट की यह ख़ामोशी पेंशनरों के लिए अत्यंत निराशाजनक  है।

Pensioners Federation:   विज्ञप्ति  में भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश के राष्ट्रीय पदाधिकारी भूपेन्द्र कुमार वर्मा दुर्ग, द्रौपदी यादव पत्थलगांव जशपुर,  रामनारायण ताटी जगदलपुर, तथा छत्तीसगढ़ प्रदेश के  कार्यकारी प्रांताध्यक्ष जे.पी. मिश्रा,महामंत्री अनिल गोल्हानी, प्रदेश संगठन मंत्री टी पी सिंह, कोषाध्यक्ष बी.एस. दसमेर, संभागीय अध्यक्ष प्रवीण कुमार त्रिवेदी रायपुर, राजेश कश्यप बिलासपुर, गुरुचरण सिंह अंबिकापुर, बी.के.वर्मा दुर्ग, केंद्रीय सेवानिवृत्त अधिकारी- कर्मचारी प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक सुरेश मिश्रा रायपुर,सेवानिवृत्त दैनिक वेतन भोगी कार्यभारित प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक अनिल पाठक रायपुर तथा प्रदेश के विभिन्न जिलों के प्रमुख पदाधिकारियों -अध्यक्ष खोड़स राम कश्यप बलौदाबाजार, आर. जी. बोहरे रायपुर, आई. सी.श्रीवास्तव राजनांदगांव, राकेश जैन बिलासपुर, परमेश्वर स्वर्णकार जांजगीर चांपा, रमेश नंदे जशपुर, अभय शंकर गौराहा रायगढ़, देवनारायण साहू सारंगढ़, एम.एल.यादव कोरबा,ओ. पी. भट्ट कांकेर, आर.डी.झाड़ी बीजापुर, एस.के.देहारी नारायणपुर, एस. के.धातोड़े कोंडागांव, रूपकुमार झाड़ी दंतेवाड़ा, शेख कासिमुद्दीन सुकमा, प्रेमचंद गुप्ता वैकुंठपुर, माणिक चंद्र अंबिकापुर, राजेन्द्र पटेल, बलरामपुर, संतोष ठाकुर सूरजपुर, आर ए शर्मा गौरेला पेंड्रा मरवाही, सतीश उपाध्याय मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर, हरि प्रसाद मिश्रा सक्ती, भैया लाल परिहार मुंगेली, यवन कुमार डिंडोरे बेमेतरा, रिखीराम साहू महासमुंद , लखन लाल साहू गरियाबंद,  रामेंद्र तिवारी मोहला मानपुर अम्बागढ़ चौकी,प्रकाश गुप्ता कबीरधाम, देवदत्त दुबे खैरागढ़ छुईखदान गंडई तथा  अश्वनी नायक डोंगरगढ़, अनूपनाथ योगी आरंग आदि ने भी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमन से आग्रह किया है कि संसद में बजट पर चर्चा के दौरान पेंशनरों के हितों को ध्यान में रखते हुए मानवीय दृष्टिकोण से  संवेदनशील निर्णय लिए जाएँ और पेंशन अथवा महँगाई राहत की राशि को आयकर से मुक्त किया जाए।
                             

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