वॉशिंगटन/न्यूयॉर्क। Protests against Trump begin in America:  मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और Donald Trump की नीतियों के विरोध में अमेरिका में बड़े पैमाने पर ‘नो किंग्स’ (No Kings) प्रदर्शन आयोजित किए गए। देशभर के कई शहरों में हजारों-लाखों लोगों ने सड़कों पर उतरकर युद्ध, महंगाई और इमिग्रेशन नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद की।

Protests against Trump begin in America:   मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शनिवार को अमेरिका के विभिन्न राज्यों, चाहे रिपब्लिकन हों या डेमोक्रेटिक दोनों में ‘नो किंग्स’ प्रदर्शनों की व्यापक भागीदारी देखने को मिली। बड़े शहरों में विशाल मार्च निकाले गए, जबकि उपनगरीय और ग्रामीण इलाकों में छोटे-छोटे समूहों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की, तख्तियां लहराईं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों जैसे गीत-संगीत व नृत्य के जरिए विरोध दर्ज कराया।

Protests against Trump begin in America:   न्यूयॉर्क सिटी में प्रदर्शनकारियों ने मिडटाउन मैनहट्टन से मार्च निकाला। इस दौरान उन्होंने ट्रंप प्रशासन की इमिग्रेशन नीतियों और ईरान के साथ बढ़ते तनाव के खिलाफ बैनर दिखाए। वहीं San Francisco के एम्बार्केडेरो प्लाजा में बड़ी संख्या में लोग जुटे और सिविक सेंटर तक मार्च किया। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी झंडे के साथ यूक्रेन और ट्रांसजेंडर अधिकारों के समर्थन में भी आवाज उठाई।

Protests against Trump begin in America:   मिनीसोटा के सेंट पॉल में आयोजित एक बड़ी रैली में मशहूर रॉक सिंगर ब्रूस स्प्रिंगस्टीन ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने मिनेसोटा को पूरे देश के लिए प्रेरणादायक बताया और हालिया घटनाओं में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान मिनेसोटा के गवर्नर Tim Walz ने भी संघीय इमिग्रेशन नीतियों की आलोचना करते हुए स्थानीय समुदायों की सराहना की।

मिडिल ईस्ट तनाव और महंगाई बना बड़ा मुद्दा

Protests against Trump begin in America:    मिडिल ईस्ट में Iran और Israel के बीच जारी संघर्ष, बढ़ती ईंधन कीमतें और धीमी होती अर्थव्यवस्था भी इन प्रदर्शनों के प्रमुख कारण रहे। प्रदर्शनकारियों ने सरकार की विदेश नीति और आर्थिक हालात पर असंतोष जताया। फ्लोरिडा के वेस्ट पाम बीच में प्रदर्शनकारियों और ट्रंप समर्थकों के बीच हल्की झड़प की खबर सामने आई। हालांकि, अधिकांश जगहों पर विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे।  मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ‘नो किंग्स’ प्रदर्शन की यह तीसरी बड़ी लहर है, जो पिछले साल हुए दो बड़े प्रदर्शनों के बाद सामने आई है।

Previous articleNaxalites Surrender : 3 और माओवादियों ने हथियारों के साथ किया सरेंडर, 3 दिन में 9 ने छोड़ा हिंसा का रास्ता
Next articleHanuman janmotsav: भक्ति में डूबेगा सूरजपुर, हनुमान जन्मोत्सव पर शिखर कलश पूजन व भव्य शोभायात्रा की तैयारी

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here