बिलासपुर। Save MNREGA movment : मनरेगा का नाम बदले जाने और नए कानून लाए जाने को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने आरोप लगाया कि सरकार राम के नाम का इस्तेमाल कर रही है, जबकि नए कानून में राम से जुड़ा कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा कि मनरेगा जैसी कानूनी रोजगार गारंटी को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है, जिससे सबसे ज्यादा नुकसान ग्रामीण मजदूरों को होगा।
Save MNREGA movment : कांग्रेस भवन में पत्रकारों से चर्चा करते हुए सिंहदेव ने कहा कि कांग्रेस ने इस बदलाव के खिलाफ मनरेगा बचाओ संग्राम शुरू किया है। सरकार विकसित भारत 2047 की बात कर रही है, लेकिन यह नहीं सोच रही कि आज और कल का मजदूर कैसे जिएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में मनरेगा एक कानूनी अधिकार था, जहां मजदूर काम मांगता था और सरकार को काम देना पड़ता था, बजट कभी बाधा नहीं बनता था।
Save MNREGA movment : श्री सिंहदेव ने दावा किया कि सरकार 100 दिन की जगह 125 दिन रोजगार देने की बात कर रही है, जबकि पिछले 11 वर्षों में राष्ट्रीय औसत रोजगार केवल 38 से 40 दिन रहा है। उन्होंने कहा कि मनरेगा संविधान के अनुच्छेद 21 से जुड़ा अधिकार था, जिसे अब शर्तों वाली, केंद्र-नियंत्रित योजना में बदला जा रहा है।
Save MNREGA movment : पूर्व उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले मनरेगा में केंद्र सरकार 90 प्रतिशत राशि देती थी, लेकिन अब यह हिस्सेदारी 60 प्रतिशत तक सीमित कर दी गई है। इसके साथ ही राज्यों को पहले अपना हिस्सा जमा करना अनिवार्य किया गया है। इससे छत्तीसगढ़ जैसे आर्थिक रूप से कमजोर राज्यों पर करीब 50 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ने की आशंका है।
Save MNREGA movment : उन्होंने चेतावनी दी कि फंड की कमी या फसल के मौसम का हवाला देकर मजदूरों को लंबे समय तक काम से वंचित किया जा सकता है, जिससे भूखमरी और पलायन बढ़ेगा। कांग्रेस ने इसे गरीब और मजदूर विरोधी नीति बताते हुए कहा कि कानून में बदलाव वापस होने तक विरोध जारी रहेगा और इसके लिए देशभर में गांधीवादी तरीके से आंदोलन किया जाएगा।










