Skip to content
  • https://www.facebook.com/
  • https://twitter.com/
  • https://t.me/
  • https://www.instagram.com/
  • https://youtube.com/

fourthline.in

fourthline.in

  • देश
  • विदेश
  • छत्तीसगढ़
  • रायपुर
  • बिलासपुर
  • दुर्ग
  • सरगुजा
  • बस्तर
  • धर्म-संस्कृति
  • साहित्य
  • खेल
  • देश
  • विदेश
  • छत्तीसगढ़
  • रायपुर
  • बिलासपुर
  • दुर्ग
  • सरगुजा
  • बस्तर
  • धर्म-संस्कृति
  • साहित्य
  • खेल
Subscribe
Close

Search

Home/छत्तीसगढ़/New Tiger Reserve notified: गुरु घासीदास-तमोर पिंगला 56वें बाघ अभ्यारण्य के रूप में अधिसूचित
छत्तीसगढ़

New Tiger Reserve notified: गुरु घासीदास-तमोर पिंगला 56वें बाघ अभ्यारण्य के रूप में अधिसूचित

Avatar photo
By fourthline.in
November 18, 2024 2 Min Read
0

रायपुर। New Tiger Reserve notified: छत्तीसगढ़ सरकार ने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए गुरु घासीदास-तमोर पिंगला क्षेत्र को राज्य के 56वें बाघ अभयारण्य के रूप में अधिसूचित किया है। यह कदम राज्य में वन्यजीव संरक्षण और बाघों के संरक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। यह नया बाघ अभयारण्य 2,829 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है, जो बाघों के प्राकृतिक आवास और अन्य वन्यजीवों की रक्षा के लिए एक सुरक्षित क्षेत्र प्रदान करेगा।

New Tiger Reserve notified: इस बारे में वन मंत्री केदार कश्यप ने प्रदेश वासियों को बधाई देते हुए कहा कि जैसे-जैसे भारत बाघ संरक्षण में नए मील के पत्थर छू रहा है, हमने छत्तीसगढ़ में गुरु घासीदास-तमोर पिंगला को 56वें बाघ अभयारण्य के रूप में अधिसूचित किया है। गुरु घासीदास-तमोर पिंगला बाघ अभयारण्य 2,829 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। भारत एक ऐसे हरित भविष्य की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है। 

New Tiger Reserve notified: इस अधिसूचना के साथ, गुरु घासीदास-तमोर पिंगला क्षेत्र को बाघ अभयारण्य का दर्जा मिल गया है, जो वन्यजीव संरक्षण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अब, इस क्षेत्र में बाघों और अन्य वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए विशेष उपाय किए जाएंगे, और साथ ही इनकी संख्या में वृद्धि के प्रयास किए जाएंगे। बाघों के संरक्षण से न केवल उनके लिए सुरक्षित आवास सुनिश्चित होगा, बल्कि इससे इस क्षेत्र की जैव विविधता को भी बढ़ावा मिलेगा। गुरु घासीदास-तमोर पिंगला बाघ अभयारण्य छत्तीसगढ़ के मध्यवर्ती क्षेत्रों में स्थित है और इसके वन्यजीवों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। यह क्षेत्र विशेष रूप से बाघों की प्रजातियों के लिए जाना जाता है, लेकिन इसके अलावा अन्य वन्यजीव जैसे तेंदुआ, अजगर, हाथी, और कई प्रकार की पक्षी प्रजातियाँ भी इस क्षेत्र में पाई जाती हैं।

Avatar photo
Author

fourthline.in

Follow Me
Other Articles
Previous

Fire in sugarcane crop: कवर्धा में 30 एकड़ से अधिक गन्ने की फसल आग से स्वाहा, किसानों को भारी नुकसान

Next

CBI raids: रेलवे डीआरएम 25 लाख रूपये रिश्वत लेते गिरफ्तार, 87 लाख कैश बरामद 

No Comment! Be the first one.

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Suryakant Tiwari property attached: ढोल लेकर भिलाई पहुंचा IT डिपार्टमेंट, कोयला लेवी घोटाला मामले में सूर्यकांत तिवारी का मकान कुर्क
  • Sim Card Advisory: अपने  नाम की सिम किसी को दी तो 50 लाख का जुर्माना, संचार विभाग ने जारी की एडवाइजरी
  • Better future for children :  बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए सकारात्मक और संवेदनशील पालन-पोषण जरूरी : डॉ. सत्यजीत
  • Crops Girdavari Boycott : PV ऐप से फसल गिरदावरी का पटवारी संघ ने किया बहिष्कार, दबाव बनाया गया तो हड़ताल पर जाएंगे
  • CG women Commission : लिव-इन से जुड़े विवाद बढ़ रहे, बस्तर और सरगुजा में अंधविश्वास के मामले ज्यादा
Copyright 2026 — . All rights reserved. Blogsy WordPress Theme