रायपुर।  Smart policing :  राजधानी रायपुर में बाइक चोरी की बढ़ती घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सहारा लेने का फैसला किया है। रायपुर पुलिस अपने ITMS (इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) को अपडेट कर रही है, जिससे चोरी की गाड़ी सड़क पर निकलते ही पुलिस के पास रियल-टाइम अलर्ट पहुंच जाएगा।

Smart policing : रायपुर में बाइक चोरी एक गंभीर समस्या बन चुकी है, जहां हर साल औसतन 1000 से ज्यादा वाहन चोरी होते हैं। नए सिस्टम से न केवल वाहन बरामदगी की दर बढ़ेगी, बल्कि संगठित चोर गिरोहों पर लगाम लगाने में भी मदद मिलेगी। पुलिस के नए एडवांस टूल में चोरी की गई गाड़ियों के नंबर फीड किए जाएंगे। जैसे ही कोई चोरी की बाइक शहर के किसी भी चौराहे से गुजरेगी, वहां लगे कैमरे उसे स्कैन कर लेंगे।

Smart policing : कंट्रोल रूम और नजदीकी पीसीआर को तुरंत लोकेशन और फुटेज के साथ अलर्ट जाएगा।स्पेशल टीम: कमिश्नरी ने इसके लिए तीनों जोन में विशेष टीमें बनाई हैं, जो DCP के सीधे सुपरविजन में काम करेंगी।डेटाबेस: पिछले दो साल में हुई चोरी की वारदातों का डेटा इकट्ठा कर सिस्टम में अपलोड किया जा रहा है।

हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट जरूरी

Smart policing : बाइक चोरों की खैर नहीं ! चोरी की गाड़ी निकलते ही पुलिस के मोबाइल पर आ जाएगा अलर्ट, AI रखेगा नजर जांच में सामने आया है कि रायपुर में पंजीकृत 15 लाख गाड़ियों में से 8 लाख वाहनों में अब तक हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (HSRP) नहीं लगी है। इनमें से अधिकांश गाड़ियां 15 साल से पुरानी हैं। पुलिस अब बिना HSRP वाली गाड़ियों पर सख्ती शुरू करने वाली है, क्योंकि चोर ऐसी गाड़ियों को आसानी से निशाना बनाते हैं।

Smart policing :  पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने सभी थानों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बाइक चोरी की शिकायत मिलते ही तत्काल FIR दर्ज की जाए। टालमटोल करने वाले प्रभारियों पर कार्रवाई की जा सकती है। आगामी कुछ हफ्तों में ITMS के एडवांस अपडेट का ट्रायल शुरू हो जाएगा। साथ ही, नंबर प्लेट को लेकर शहर के प्रमुख चौराहों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जाएगा।

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