
सूरजपुर। School exam time: बोर्ड एवं वार्षिक परीक्षाएँ नजदीक आने के साथ ही विद्यार्थियों में बढ़ते मानसिक दबाव को लेकर सीबीएसई सिटी कोऑर्डिनेटर एवं साधु राम विद्या मंदिर के प्राचार्य प्रभाकर उपाध्याय ने कहा है कि परीक्षाओं को भय या बोझ के रूप में नहीं, बल्कि सीखने और आत्ममूल्यांकन के अवसर के रूप में देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित “परीक्षा पे चर्चा” जैसे कार्यक्रम भी इसी सोच को मजबूत करते हैं।
School exam time: श्री उपाध्याय ने कहा कि आज भी समाज में अंकों को ही सफलता का एकमात्र मापदंड माना जाता है, जबकि वास्तविकता यह है कि परीक्षा किसी विद्यार्थी की संपूर्ण क्षमता का अंतिम निर्णय नहीं करतीं। परीक्षा केवल ज्ञान, समझ और आत्मविश्वास को परखने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि आज की प्रतिस्पर्धात्मक दुनिया में केवल अच्छे अंक ही पर्याप्त नहीं हैं। संचार कौशल, समस्या समाधान क्षमता, रचनात्मक सोच, नेतृत्व और तकनीकी दक्षता जैसे जीवन कौशल विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं। नई शिक्षा नीति और सीबीएसई की मूल्यांकन प्रणाली भी अब रटने की प्रवृत्ति से आगे बढ़कर समझ और व्यावहारिक ज्ञान पर जोर दे रही है।
School exam time: सीबीएसई कोआर्डिनेटर ने अभिभावकों और शिक्षकों से अपील की कि वे बच्चों पर अंकों का अनावश्यक दबाव न डालें और उनकी तुलना अन्य विद्यार्थियों से न करें। सकारात्मक वातावरण, प्रोत्साहन और संतुलित दिनचर्या से विद्यार्थी तनावमुक्त होकर बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।उन्होंने कहा कि परीक्षा जीवन की यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, मंजिल नहीं। इसे डर नहीं, बल्कि सीखने और आगे बढ़ने के अवसर के रूप में स्वीकार करना चाहिए। हम सभी का प्रयास होना चाहिए कि बच्चों को ऐसा वातावरण मिले, जहाँ वे बिना भय के सीख सकें, सोच सकें और अपने सपनों को साकार कर सकें।










