केशकाल। Baster Tribal Society : छत्तीसगढ़ के केशकाल जिले में पिछले दिनों एक युवक का दो आदिवासी युवतियों से विवाह देशभर में सुर्ख़ियों में रहा। इस शादी का वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल होने के बाद चर्चा का विषय बन गया है। अब इस मामले में आदिवासी समाज ने आपत्ति जताते हुए कार्रवाई की मांग की है।
Baster Tribal Society : केशकाल ब्लॉक के बेलगांव निवासी हितेश यादव (पिता गजेंद्र यादव) ने फूलबती नाग (गोंड समाज) और यामिनी देहरी (हल्बा समाज) से एक साथ एक ही मंडप कर विवाह किया। खास बात यह रही कि दूल्हे द्वारा बाकायदा शादी का कार्ड भी छपवाया गया, जिसमें दोनों दुल्हनों के नाम दर्ज थे। विवाह के बाद दूल्हा हितेश यादव ने बयान देते हुए कहा कि इस शादी में दोनों पक्षों के कुछ परिजन शामिल हुए और समाज के लोगों का भी सहयोग मिला। हालांकि, इस बयान के सामने आने के बाद आदिवासी समाज में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।
आदिवासी समाज में आक्रोश
Baster Tribal Society : हितेश यादव द्वारा दिये बयान के बाद क्षेत्र के आदिवासी समाज में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। समाज के लोगों का कहना है कि यह विवाह आदिवासी परंपराओं और सामाजिक नियमों के खिलाफ है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि युवक ने आदिवासी समाज की सरलता और विश्वास का फायदा उठाया है, जिससे समाज की मर्यादा को ठेस पहुंची है।
Baster Tribal Society : इधर शिव कुमार पात्र, अध्यक्ष, हल्बा समाज बड़ेडोंगर ने कहा कि यह विवाह समाज के नियमों के खिलाफ है। इसे किसी भी रूप में मान्यता नहीं दी जा सकती, हम इसका विरोध करते हैं। इसी तरह ईश्वर कोर्राम, अध्यक्ष, सर्व आदिवासी समाज, फरसगांव ब्लॉक का कहना है कि इस तरह की विवाह समाज की परंपराओं को नुकसान पहुंचाती हैं। प्रशासन को ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। समाज के वरिष्ठ जनों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं।










