रायपुर। LPG crisis : छत्तीसगढ़ के आरंग क्षेत्र में गैस सिलेंडर की किल्लत ने विकराल रूप ले लिया है। पिछले 25 दिनों से रसोई गैस के लिए भटक रहे ग्रामीणों का गुस्सा रविवार को सातवें आसमान पर पहुंच गया। गिरिजा इंडेन गैस एजेंसी की लापरवाही से नाराज सैकड़ों लोगों ने आरंग-खरोरा मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। चिलचिलाती धूप और एजेंसी की वादाखिलाफी ने आम जनता को सड़क पर उतरने को मजबूर कर दिया है।
LPG crisis : उपभोक्ताओं को सूचना दी गई थी कि 12 अप्रैल को सिलेंडर बांटे जाएंगे। लोग 20-20 किलोमीटर दूर से आकर रात 3 बजे से ही लाइन में लग गए थे। गौरतलब है कि घंटों कड़ी धूप में खड़े रहने के बाद जब एजेंसी ने सिलेंडर न होने की बात कही, तो लोग भड़क उठे। ग्रामीणों का आरोप है कि एजेंसी के कर्मचारी न सिर्फ बदतमीजी करते हैं, बल्कि ऑनलाइन बुकिंग के बाद भी हफ्तों चक्कर लगवाते हैं।
LPG crisis : चक्काजाम की सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। काफी देर तक चली समझाइश और जल्द सिलेंडर उपलब्ध कराने के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने रास्ता साफ किया। फिलहाल आरंग में तनावपूर्ण शांति है, लेकिन जनता का कहना है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
LPG crisis : आरंग की इस एकमात्र गैस एजेंसी में करीब 20,000 उपभोक्ता हैं। स्थिति कितनी खराब है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 1 अप्रैल को नगर पालिका अध्यक्ष और खाद्य निरीक्षक ने एजेंसी मालिक हिमांशु सिंह ठाकुर के साथ बैठक की थी। अव्यवस्था सुधारने के लिए 10 दिन का अल्टीमेटम दिया गया था, जो बीत चुका है। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि एजेंसी कर्मचारी उनका फोन तक नहीं उठाते। अब स्थानीय लोग आरंग में एक और नई गैस एजेंसी खोलने की मांग कर रहे हैं ताकि मनमानी खत्म हो सके।










