CG JUDO Strike : जूनियर डाक्टरों ने किया ओपीडी बहिष्कार का ऐलान, स्वास्थ्य मंत्री से बातचीत बेनतीजा
CG JUDO Strike : रायपुर। छत्तीसगढ़ में जूनियर डॉक्टरों का आंदोलन एक बार फिर तेज होने जा रहा है। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) छत्तीसगढ़ ने प्रदेश के शासकीय मेडिकल कॉलेजों और संबद्ध अस्पतालों में कल से OPD सेवाओं के बहिष्कार की घोषणा की है। संगठन के मुताबिक, लंबित मांगों पर समयसीमा के भीतर ठोस निर्णय नहीं होने के बाद यह कदम उठाया गया है। अस्पतालों के बाहर चलेगी समानांतर OPD JDA ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन के दौरान मरीजों को होने वाली परेशानी को कम करने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए चिकित्सकों द्वारा अस्पताल परिसर के बाहर समानांतर OPD संचालित कर जरूरतमंद मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श देने की बात कही गई है।
स्वास्थ्य मंत्री ने दिया था 7 दिनों का समय
संगठन के अनुसार, 18 सितंबर को स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के साथ हुई बैठक में JDA ने अपनी प्रमुख मांगें रखी थीं। चर्चा के दौरान मांगों के समाधान के लिए सात दिन का समय मांगा गया था। इसके बाद JDA ने प्रस्तावित आंदोलन को फिलहाल स्थगित रखते हुए नियमित चिकित्सा सेवाएं जारी रखी थीं। JDA का दावा है कि सात दिन की अवधि पूरी होने के बावजूद उसकी तीन प्रमुख मांगों को लेकर अपेक्षित ठोस आदेश या निर्णय सामने नहीं आया। इसके बाद संगठन ने आंदोलन के अगले चरण का ऐलान किया है।
ये हैं प्रमुख मांगें
जूनियर डॉक्टर इंटर्न, बॉन्डेड मेडिकल ऑफिसर, पीजी रेजिडेंट और सीनियर रेजिडेंट के मासिक स्टाइपेंड और मानदेय में बढ़ोतरी की मांग (जैसे एमबीबीएस इंटर्न्स का स्टाइपेंड ₹15,900 से बढ़ाकर ₹25,000 करने की माग कर रहे हैं। ये चाहते हैं कि (UG) और पीजी (PG) सेवा बॉण्ड की अवधि को 2 वर्ष से घटाकर 1 वर्ष की मांग जाए। इसी तरह सुपर-स्पेशलिटी कैडर: राज्य के सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में सुपर-स्पेशलिटी कैडर का गठन करने की भी मांग कर रहे हैं।
28 सितंबर से Emergency सेवाएं भी नहीं देंगे
JDA ने आगे कहा है कि यदि मांगों के समाधान की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो 28 सितंबर से PG Residents, MBBS Interns, Bonded Medical Officers और Senior Residents के Emergency सेवाओं से हटने का अगला चरण प्रस्तावित है। संगठन ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य मरीजों को परेशान करना नहीं, बल्कि चिकित्सकों और मेडिकल छात्रों की लंबित मांगों का समयबद्ध एवं नीतिगत समाधान कराना है। JDA ने सरकार से मरीजों और चिकित्सकों के हितों को ध्यान में रखते हुए जल्द निर्णय लेने की अपील की है।
