Pensioners seek legal protection under UCC : यूसीसी में पेंशनरों और वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों को कानूनी संरक्षण मिले, पेंशनर्स महासंघ ने ज्ञापन सौंपा
Pensioners seek legal protection under UCC : रायपुर। पेंशनर्स महासंघ की छत्तीसगढ़ प्रदेश इकाई ने राष्ट्रीय समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के तहत बनाए जाने वाले कानून में पेंशनरों और वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों और हितों को स्पष्ट कानूनी संरक्षण देने की मांग की है। इस संबंध में महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने न्यू सर्किट हाउस, रायपुर के कक्ष क्रमांक 203 में आयोजित बैठक में प्रस्तावित समान नागरिक संहिता (यूसीसी)के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति से संबंधित जन-परामर्श उप समिति के अध्यक्ष एम.के. राउत से मुलाकात कर उन्हें 12 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।
Pensioners seek legal protection under UCC : बैठक में समान नागरिक संहिता के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति के सदस्य वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन पवार एवं शिक्षाविद् श्रीमती ज्योति सिंह भी उपस्थित रहीं। दोनो सदस्यों ने ज्ञापन में दिए गए सभी सुझावों की सराहना करते हुए इन्हें वरिष्ठ नागरिकों एवं पेंशनर्स के हितों से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताया।इस अवसर पर महासंघ के प्रतिनिधियों ने ज्ञापन के सभी सुझावों के औचित्य पर श्री राउत के साथ विस्तार से चर्चा की और विश्वास जताया कि वरिष्ठ नागरिकों, पेंशनर्स एवं उनके परिवारों से जुड़े इन महत्वपूर्ण विषयों को प्रस्तावित समान नागरिक संहिता में समुचित स्थान दिया जाएगा।
Pensioners seek legal protection under UCC : बैठक में भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव के साथ प्रदेश महामंत्री अनिल गोल्हानी, प्रदेश संगठन मंत्री टी.पी. सिंह, प्रदेश कार्यालय मंत्री बी.आर. रावत तथा जिला रायपुर अध्यक्ष आर.जी. बोहरे उपस्थित थे।
पेशनरों के लिए डीआर भुगतान में दोहरी नीति समाप्त की जाए
बैठक में महासंघ ने राज्य के पेंशनरों को मिलने वाली महँगाई राहत (डीआर) में दोहरी नीति समाप्त करने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। महासंघ ने सुझाव दिया कि सभी राज्य पेंशनर्स एवं परिवार पेंशनर्स को केंद्र सरकार द्वारा घोषित देय तिथि एवं समान दर से महँगाई राहत का भुगतान सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट कानूनी प्रावधान किया जाए।
महासंघ के प्रतिनिधियों ने कहा कि वर्तमान में भारतीय प्रशासनिक सेवा, बिजली विभाग तथा न्यायिक सेवा के पेंशनर्स एवं परिवार पेंशनर्स को केंद्र के अनुरूप देय तिथि और दर से डीआर का भुगतान किया जाता है, जबकि राज्य के अन्य पेंशनर्स को समान आधार पर भुगतान नहीं मिल रहा है। इस अंतर को समाप्त करने के लिए कानूनी व्यवस्था किए जाने का प्रस्ताव ज्ञापन में शामिल किया गया है।
