Departure of the Monsoon : बिलासपुर (fourthline )। शहर एवं आसपास चातक पक्षी दिखाई देने लगे हैं। यह मानसून की विदाई का संकेत देते हैं छत्तीसगढ़ की संस्कृति और लोक कथाओं में यह पक्षी जैकोबिन कुकू या वाइट कुकू का मानसून की विदाई से गहरा और काव्यात्मक संबंध माना गया है ।इसे अक्टूबर का अग्रदूत भी कहते हैं यह पक्षी जून में मानसूनी हवाओं के साथ और अक्टूबर में वापस चला जाता है।
Departure of the Monsoon : चातक दिखाई देने लगे मानसून की विदाई का संकेत, अलनीनो से बदली हवा , इस बार जल्दी जा रहा मानसूनपक्षियों के जानकार डा. राहुल सिंह बताते हैं यह पक्षी कभी भी धरती या तालाब का पानी नहीं पीता। आकाश से गिरती हुई बारिश की बूंद से ही प्यास बुझाता है। मानसून की विदाई के साथ यह प्रवासी पक्षी अपने चूजों को पालने के लिए अन्य महाद्वीपों की ओर लौटने की यात्रा शुरू कर देते हैं। इस पक्षी का जीव वैज्ञानिक नाम केलोमेटर जैकोबिंस है ।
छत्तीसगढ़ में इस बार ऐसा लग रहा था कि सूखा पड़ेगा, लेकिन अनुमान से 4% ज्यादा बारिश हुई। 6 अक्टूबर तक पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश से मानसून की विदाई के संकेत बन रहे हैं। इस बार अलनीनो के प्रभाव के कारण यह स्थिति आई है। इस बार छत्तीसगढ़ प्रदेश में अलनीनो का प्रभाव ज्यादा रहा। हालांकि बिलासपुर में औसत से ज्यादा वर्षा हुई है। देश में राजस्थान से मानसून की पूर्ण विदाई हो चुकी है। आमतौर से छत्तीसगढ़ में नमी बंगाल की खाड़ी या अरब सागर से आती है, लेकिन इस बार उत्तरी पश्चिमी सूखी हवाएं पंजाब बॉर्डर से आ रही है।
बिलासपुर में ओस गिरने लगी
पिछले दो दिनों से बिलासपुर में ओस गिरना शुरू हो चुकी है। रात का तापमान इस माह के अंत तक ठंडा होने लगेगा और नवंबर में अच्छी ठंड पड़ने की संभावना बताई जा रही है। इस सीजन में सरगुजा में सामान्य से कम बारिश हुई है प्रदेश में सर्वाधिक बलरामपुर में सामान्य से 50 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है। इस बार अंबिकापुर में भी पिछले साल की तुलना में कम बारिश हुई है जिसका असर फसलों पर दिखाई देगा ।

