• सूरजपुर में सप्ताहभर चला सेवा, संस्कृति और उल्लास का महोत्सव
AGRASEN JAYNTI: सूरजपुर। महाराजा अग्रसेन जी की 5150वीं जयंती के अवसर पर अग्रवाल सभा सूरजपुर के आतिथ्य में आयोजित अग्रसेन सप्ताह महोत्सव सेवा, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक उत्साह के साथ संपन्न हुआ। 4 से 11 अक्टूबर तक अग्रोहा भवन में आयोजित महोत्सव के दौरान 70 से अधिक प्रतियोगिताएं हुईं। जयंती पर निकली भव्य शोभायात्रा और शिव तांडव की सजीव झांकी आयोजन का मुख्य आकर्षण रही।
AGRASEN JAYNTI: जयंती पर महाराजा अग्रसेन जी की पूजा-अर्चना और अग्रभोज के बाद भव्य शोभायात्रा निकाली गई। अग्रोहा भवन से प्रारंभ होकर शोभायात्रा केतका रोड, अग्रसेन चौक, सुभाष चौक, भैयाथान रोड एवं मंदिर मार्ग से होते हुए वापस अग्रोहा भवन पहुंची। रथ पर सवार महाराजा अग्रसेन जी की झांकी, धुमाल बैंड और शैला नृत्य ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। मार्ग में महलवाला परिवार तथा मेसर्स छैलूराम विनोद कुमार परिवार की ओर से जलपान की व्यवस्था की गई।

सा़ंस्कृतिक कार्यक्रम
शाम को अग्रसेन चौक पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में भगवान शिव के विभिन्न स्वरूपों, शिव तांडव, शिव-पार्वती विवाह, हनुमान जी की झांकी और हनुमान चालीसा की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। भव्य आतिशबाजी ने उत्सव की रौनक बढ़ाई। शोभायात्रा में अग्रबंधुओं, महिलाओं और नगरवासियों की बड़ी भागीदारी रही।
प्रतिभाओं को किया गया सम्मानित
सप्ताहभर आयोजित खेलकूद, बौद्धिक एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। समारोह में सरगुजा संभागीय अग्रवाल महिला सभा की अध्यक्ष सीमा अग्रवाल, जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं भारत यात्री शशि सिंह तथा नगर पालिका अध्यक्ष कुसुमलता राजवाड़े अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। वक्ताओं ने ऐसे आयोजनों को सामाजिक एकता, प्रतिभा विकास और नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।

महोत्सव को सफल बनाने में जयंती आयोजन समिति, अग्रवाल सभा, अग्रवाल सेवा समिति, अग्रवाल महिला मंडल, अग्रवाल नवयुवक समिति, अग्रोहा नवयुवती संगठन, मारवाड़ी युवा मंच संस्कृति शाखा और अग्रवाल महिला सम्मेलन की टीमों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
आयोजन में अमृतलाल अग्रवाल, राजेश महलवाला, सुनील अग्रवाल, संजय केजरीवाल, अंकुर गर्ग, ममता अग्रवाल, गौरीश अग्रवाल, रक्षा अग्रवाल, तितिक्षा गोयल, आशा अग्रवाल और प्रज्ञा गोयल सहित समाज के अनेक सदस्य सक्रिय रहे। सप्ताहभर चले इस महोत्सव ने सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक परंपराओं की जीवंत झलक प्रस्तुत की।

