• अतुल कांत खरे
Tour and Travels : बिलासपुर (fourthline) । बिलासपुर से शिलांग घूमने जा रहे हैं तो हो जाएं सावधान,,,,,,! वहां के टूरिस्ट गाइड और ड्राइवर लगातार ठगी कर रहे हैं और पैसे लेकर गायब हो जाते हैं । बिलासपुर से शिलांग घूमने गए टूरिस्ट वी के चंदानी हाल ही में . दूरिस्ट ड्राइवर की ठगी का शिकार हुए हैं । लग भग ₹10000 एडवांस लेकर टूरिस्ट गाड़ी वाले गायब हो गए इसके बाद उन्होंने अपने फोन बंद कर लिएl वहां की पुलिस से कोई सहयोग न मिलने के बाद श्री चंदानी ने बिलासपुर में साइबर सेल में शिकायत की जिसके बाद साइबर की कार्रवाई की जा रही है।
गुवाहाटी से शिलोंग (Guwahati to Shillong) या मेघालय के टूरिस्ट स्पॉट्स पर यात्रा करते समय कुछ टैक्सी ड्राइवरों द्वारा पर्यटकों को परेशान करने या ज़्यादा पैसे वसूलने के मामले अक्सर सामने आते हैं। बिलासपुर से शिलांग घूमने गए वी के चंदानी इसी तरह स्कैम का शिकार हुए हैं, जहां टूरिस्ट गाड़ी की बुकिंग करने के बाद गाड़ी वाले गायब हो गए और अपने फोन भी बंद कर लिए। पीड़ित चंदानी से लगभग ₹10000 एडवांस ले लिए थे । टूरिस्ट गाड़ियों वाले मुख्य रूप से बिना मीटर की मौखिक डीलिंग, अंतिम समय में छिपे हुए चार्ज जोड़कर, और असम की गाड़ियों को रोककर जबरन लोकल टैक्सी में ट्रांसफर करवाकर पर्यटकों को लूटते हैं। शिलोंग और मेघालय यात्रा के दौरान कुछ ड्राइवर कई तरह के तरीके अपनाते हैं ।

मेघालय में अधिकांश टैक्सियों में मीटर नहीं होते हैं। ड्राइवर पहले एक निश्चित किराया (जैसे पूरे ट्रिप का ₹8,000) तय कर लेते हैं। लेकिन ट्रिप खत्म होने पर या बीच रास्ते में वे वेटिंग चार्ज, ड्राइवर का खाना-पीना, नाइट चार्ज या वापसी का किराया बताकर अचानक ₹2,000 से ₹3,000 अतिरिक्त मांग लेते हैं। असम की गाड़ियों से जबरन लोकल टैक्सी में ट्रांसफर (Forced Switch)करते हैं ।
इस तरह टूरिस्टों से ठगी
हाल के दिनों में असम और मेघालय की टैक्सी यूनियनों के बीच काफी विवाद देखे गए हैं। कई बार जब पर्यटक असम के नंबर वाली गाड़ी (AS registration) से शिलोंग या चेरापूंजी जाते हैं, तो बॉर्डर (जैसे जोराबाद या उमियम) पर लोकल ड्राइवर उन्हें रोक लेते हैं। वे दावा करते हैं कि आगे असम की गाड़ियां नहीं जा सकतीं और पर्यटकों को मजबूरन महँगे दामों पर लोकल मेघालय (ML) टैक्सी किराए पर लेनी पड़ती है।
बिलासपुर के टूरिस्ट से ठगी
बिलासपुर से इसी वर्ष वहां घूमने गए अनुराग शुक्ला बताते हैं कि पूरे दिन के पैसे तय होने के बावजूद ड्राइवर सुबह देर से आते हैं और समय की कमी का बहाना बनाकर मुख्य टूरिस्ट पॉइंट छोड़ देते हैं। वे खराब रास्ता, कम फ्यूल या सुरक्षा का बहाना बनाकर मुख्य लोकेशन जैसे डबल डेकर ब्रिज या मॉसमाई केव्स जाने से मना कर देते हैं या वहां जाने के लिए अलग से भारी रकम की मांग करते हैं।
बिलासपुर साइबर सेल में शिकायत
स्कैम होने के बाद श्री चंदानी वहां नहीं रुके और सीधे बिलासपुर आ गए और यहां बिलासपुर जाकर उन्होंने साइबर सेल में शिकायत की शिलांग में उन्हें बताया गया कि यहां पुलिस की कोई मदद नहीं मिलेगी और इसके अलावा भाषा संबंधी दिक्कतें बहुत आती हैं साइबर सेल में शिकायत के बाद साइबर सेल ने सक्रियता दिखाई और जिस अटेंडेंट देविका को पैसे दिए थे उसके अकाउंट की जांच साइबर सेल ने की और आगे की कार्रवाई जारी है!
लड़की के अकाउंट की जानकारी मिली
साइबर सेल के विवेचक वी के राम ने बताया कि लड़की के अकाउंट की जानकारी मिल गई है और साइबर सेल आगे की कार्रवाई कर रही है । यह धोखाधड़ी हिमालय हॉलीडे टूरिज्म के द्वारा की गई है। इसके खिलाफ जांच जारी है । साइबर सेल पीड़ित को पूरा लाभ दिलाने की कोशिश करेगी ।

