US Midterm Election Results : वाशिंगटन। अमेरिका के 2026 मिडटर्म चुनाव के नतीजों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका दिया है। सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी ने बहुमत हासिल कर लिया है। टेक्सास, साउथ कैरोलिना और नॉर्थ कैरोलिना जैसे परंपरागत रिपब्लिकन प्रभाव वाले राज्यों में डेमोक्रेट्स की जीत ने अमेरिकी राजनीति का समीकरण बदल दिया है। इन नतीजों के बाद ट्रंप प्रशासन के लिए अपने एजेंडे को आगे बढ़ाना पहले से अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
3 नवंबर को अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के लिए मतदान हुआ था। इन चुनावों में सीनेट की 100 सीटों में से 33 नियमित और दो विशेष चुनाव वाली सीटों पर मुकाबला हुआ। चुनाव से पहले रिपब्लिकन पार्टी के पास सीनेट में 53 सीटें थीं, जबकि डेमोक्रेट्स और उनके साथ मतदान करने वाले निर्दलीय सदस्यों के पास 47 सीटें थीं। चुनावी नतीजों में डेमोक्रेट्स ने रिपब्लिकन की कई अहम सीटों पर जीत दर्ज कर सदन का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया।
टेक्सास में डेमोक्रेट्स की ऐतिहासिक जीत
इस चुनाव का सबसे चर्चित उलटफेर टेक्सास में देखने को मिला। यहां डेमोक्रेट उम्मीदवार जेम्स टैलेरिको ने रिपब्लिकन उम्मीदवार केन पैक्सटन को हराकर सीनेट सीट पर कब्जा कर लिया। टेक्सास लंबे समय से रिपब्लिकन पार्टी का मजबूत गढ़ रहा है। ऐसे में टैलेरिको की जीत को राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। ट्रंप ने पैक्सटन का खुलकर समर्थन किया था, इसके बावजूद उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
साउथ कैरोलिना में भी रिपब्लिकन को झटका
साउथ कैरोलिना में डेमोक्रेट उम्मीदवार एनी एंड्रयूज ने रिपब्लिकन उम्मीदवार डार्लिन ग्राहम को शिकस्त दी। डार्लिन ग्राहम दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम की बहन हैं। लिंडसे ग्राहम के निधन के बाद उन्हें सीनेट में नियुक्त किया गया था। ट्रंप का समर्थन मिलने के बावजूद वह अपनी सीट बचाने में सफल नहीं हो सकीं। पेशे से बाल रोग विशेषज्ञ एनी एंड्रयूज की यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि साउथ कैरोलिना में 1998 के बाद किसी डेमोक्रेट उम्मीदवार ने सीनेट चुनाव नहीं जीता था।
नॉर्थ कैरोलिना में रॉय कूपर ने पलटी बाजी
नॉर्थ कैरोलिना में डेमोक्रेट उम्मीदवार और राज्य के पूर्व गवर्नर रॉय कूपर ने रिपब्लिकन उम्मीदवार माइकल व्हाटली को हराया। इस जीत से डेमोक्रेट्स को सीनेट में बहुमत हासिल करने में मदद मिली। व्हाटली को ट्रंप का समर्थन प्राप्त था।
जॉर्जिया और न्यू हैम्पशायर में भी डेमोक्रेट्स जीते
डेमोक्रेट्स ने अपने कब्जे वाली अहम सीटों को भी बरकरार रखा। जॉर्जिया में मौजूदा सीनेटर जॉन ओसॉफ ने रिपब्लिकन उम्मीदवार माइक कॉलिंस को हराकर दोबारा जीत दर्ज की। खास बात यह है कि 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में जॉर्जिया में ट्रंप को जीत मिली थी। वहीं न्यू हैम्पशायर में डेमोक्रेट उम्मीदवार क्रिस पप्पास ने पूर्व रिपब्लिकन सीनेटर जॉन सुनुनू को हराया। इसके अलावा वर्जीनिया, डेलावेयर, न्यू जर्सी, रोड आइलैंड और मैसाचुसेट्स में भी डेमोक्रेट्स ने अपनी सीटें बरकरार रखीं।
ट्रंप के लिए बढ़ीं राजनीतिक मुश्किलें
सीनेट में डेमोक्रेट्स का बहुमत होने से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए आगामी दो वर्षों का विधायी कामकाज चुनौतीपूर्ण हो सकता है। अब सीनेट की समितियों का नेतृत्व डेमोक्रेट्स के हाथ में होगा। इससे ट्रंप प्रशासन के फैसलों की जांच और सरकारी अधिकारियों से जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया में विपक्ष की भूमिका बढ़ेगी। इसके अलावा राष्ट्रपति की ओर से की जाने वाली कई अहम नियुक्तियों को सीनेट की मंजूरी की जरूरत होती है। ऐसे में डेमोक्रेट्स इन नियुक्तियों पर प्रभाव डाल सकेंगे।
चुनाव प्रचार के दौरान महंगाई, अर्थव्यवस्था और आम लोगों की बढ़ती लागत प्रमुख मुद्दे रहे। डेमोक्रेट्स ने इन्हीं मुद्दों को लेकर ट्रंप प्रशासन को घेरा। अब सीनेट में सत्ता का संतुलन बदलने से अमेरिकी राजनीति में राष्ट्रपति और विपक्ष के बीच टकराव बढ़ने की संभावना है। हालांकि कानून बनाने के लिए दोनों सदनों की भूमिका और राष्ट्रपति की मंजूरी महत्वपूर्ण बनी रहेगी।

