Purity of gold: बिलासपुर। धनतेरस के दिन देश भर के सराफा बाजारों में भारी चहल-पहल देखने को मिलती है और लाखों लोग अपनी क्षमता अनुसार सोने की खरीदारी करते हैं। बहुत से लोग नहीं जानते कि सोने की शुद्धता का पता कैसे चलेगा। भारत मानक ब्यूरो ने इसकी व्यवस्था दी है। सभी ज्वेलरी मेकर के लिए गहनों पर तीन अंकों का नंबर लिखना अनिवार्य है। ये नंबर सोने की शुद्धता बताते हैं।
भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा निर्धारित इन अंकों से यह स्पष्ट होता है कि आपके आभूषण में कितना प्रतिशत शुद्ध सोना मौजूद है और उसमें कितनी अन्य धातुएं मिलाई गई हैं। इस नंबर को समझे बिना खरीदारी करने पर धोखा खाने की संभावना काफी बढ़ जाती है।24 कैरेट सोने को सबसे शुद्ध सोना माना जाता है, जिसकी शुद्धता 99.9 प्रतिशत होती है। इसी वजह से इस पर 999 नंबर अंकित होता है। मुख्य रूप से सोने के सिक्के और बार (बिसकुट) 24 कैरेट में ही बनाए जाते हैं। हालांकि, 100% शुद्ध सोना बहुत नरम होता है, जिससे मजबूत और टिकाऊ गहने बनाना संभव नहीं होता। इसलिए गहने बनाते समय इसमें दूसरी धातुएं मिलाई जाती हैं।
916 नंबर 22 कैरेट सोने के लिए
जब आप 22 कैरेट सोने के गहने खरीदते हैं, तो उस पर 916 नंबर लिखा होता है। इसका सीधा सा मतलब है कि उस आभूषण में 91.6 प्रतिशत शुद्ध सोना है और बाकी का 8.4 प्रतिशत तांबा, चांदी या अन्य धातुएं मिलाई गई हैं ताकि गहना मजबूत बन सके। भारत में ज्यादातर पारंपरिक और भारी गहने 22 कैरेट यानी 916 नंबर वाले सोने में ही तैयार किए जाते हैं।
750 और 585 नंबर हो तो
इसी तरह, यदि आप कम बजट या मॉडर्न डिजाइन के आभूषण खरीद रहे हैं, तो उन पर 750 या 585 नंबर लिखा होता है। 750 नंबर का मतलब है कि इसमें 75 प्रतिशत शुद्ध सोना है और यह 18 कैरेट सोना कहलाता है। वहीं, 585 नंबर का अर्थ है कि इसमें 58.5 प्रतिशत शुद्ध सोना है, जिसे 14 कैरेट सोना कहा जाता है। हीरे (Diamond) की ज्वैलरी बनाने में आमतौर पर 18K (750) या 14K (585) सोने का उपयोग होता है।
हॉलमार्क और 6 अंकों का HUID कोड
सोने पर केवल 3 अंकों का नंबर देखना ही काफी नहीं है, बल्कि इसके साथ BIS Hallmark का चिन्ह और 6 अंकों वाला अलफान्यूमेरिक HUID (Hallmark Unique Identification) कोड भी अनिवार्य रूप से चेक करना चाहिए। HUID कोड हर गहने को एक विशिष्ट पहचान देता है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि गहना पूरी तरह से बीआईएस प्रमाणित लैब से टेस्ट किया गया है और इसमें कोई गड़बड़ी नहीं है। पक्का बिल भी जरूर मांगें और बिल पर अंकित कैरेट तथा हॉलमार्किंग विवरण को गहने पर लिखे नंबर से मिलाएं।


