• अकादमिक उत्कृष्टता, शोध-नवाचार और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था पर रहेगा विशेष जोर
CVRU foundation day : बिलासपुर। डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय में 21वां स्थापना दिवस समारोह गरिमामय वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की स्थापना के उद्देश्यों, 20 वर्षों की विकास यात्रा, वर्तमान शैक्षणिक एवं प्रशासनिक स्थिति तथा भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. प्रदीप कुमार घोष, कुलसचिव डॉ. अरविंद कुमार तिवारी, समकुलपति डॉ. जयति चटर्जी सहित विभिन्न संकायों के अधिष्ठाताओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए विश्वविद्यालय की आगामी विकास यात्रा की रूपरेखा रखी।
समारोह में वक्ताओं ने कहा कि विश्वविद्यालय ने अपनी स्थापना के उद्देश्य के अनुरूप ग्रामीण एवं आदिवासी अंचल के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य किया है। 20 वर्षों में विश्वविद्यालय ने शिक्षा के साथ शोध, नवाचार, कौशल विकास, रोजगारपरक शिक्षा और सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। आने वाले समय में अकादमिक गुणवत्ता को और मजबूत करने, नए एवं रोजगारपरक पाठ्यक्रम शुरू करने, शोध गतिविधियों को विस्तार देने तथा उद्योगों एवं संस्थानों के साथ शैक्षणिक सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

कुलपति प्रो. प्रदीप कुमार घोष ने कहा, 20 वर्ष विश्वविद्यालय की उपलब्धियों के साथ आत्ममंथन और भविष्य की दिशा तय करने का अवसर भी है। हमारा लक्ष्य अकादमिक उत्कृष्टता, गुणवत्तापूर्ण शोध, नवाचार और कौशल आधारित शिक्षा को और मजबूत करना है। विद्यार्थियों को बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने के लिए आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और उद्योग आधारित प्रशिक्षण का विस्तार किया जाएगा। प्रशासनिक व्यवस्था को भी अकादमिक विकास के अनुरूप अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
कुलसचिव डॉ. अरविंद कुमार तिवारी ने कहा, विश्वविद्यालय की शैक्षणिक प्रगति के लिए सुदृढ़ प्रशासनिक व्यवस्था आवश्यक है। संस्थागत प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और विद्यार्थी केंद्रित बनाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। आने वाले समय में डिजिटल प्रशासन, विभागों के बीच बेहतर समन्वय, संसाधनों के प्रभावी उपयोग और त्वरित निर्णय प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि अकादमिक गतिविधियों को और गति मिल सके।

समकुलपति डॉ. जयति चटर्जी ने कहा विश्वविद्यालय की वास्तविक उपलब्धि उसके विद्यार्थियों की सफलता और समाज के प्रति उसकी जिम्मेदारी से निर्धारित होती है। आने वाले वर्षों में शिक्षा की गुणवत्ता के साथ विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, शोध, नवाचार और महिला एवं ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए अवसरों का विस्तार किया जाएगा। शिक्षक, विद्यार्थी और प्रशासन मिलकर विश्वविद्यालय को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
संकायों ने साझा किए अनुभव
समारोह में विभिन्न संकायों के अधिष्ठाताओं, प्रशासनिक अधिकारियों, पुस्तकालय अध्यक्ष, ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर ने अपने-अपने संकाय की उपलब्धियों, अनुभवों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने अकादमिक गुणवत्ता में निरंतर सुधार, शोध परियोजनाओं में वृद्धि, विद्यार्थियों को व्यावहारिक एवं कौशल आधारित प्रशिक्षण, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शैक्षणिक सहयोग तथा रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय की 20 वर्षों की यात्रा को उपलब्धियों, चुनौतियों और अनुभवों के संदर्भ में देखा गया। वक्ताओं ने कहा कि स्थापना दिवस केवल अतीत की उपलब्धियों को याद करने का अवसर नहीं, बल्कि भविष्य के लिए नए लक्ष्य निर्धारित करने का भी अवसर है। विश्वविद्यालय आने वाले वर्षों में अकादमिक उत्कृष्टता और प्रभावी प्रशासन के समन्वय से शिक्षा के क्षेत्र में अपनी भूमिका को और व्यापक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम का संचालन जनसंपर्क अधिकारी किशोर सिंह ने किया।



