नई दिल्ली/रायपुर। Chhattisgarh liquor scam money laundering: सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले से जुड़े मनीलॉन्ड्रिंग केस को रद्द कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की पूरी कार्रवाई को ही खारिज कर दिया । अलग-अलग याचिकाओं की संयुक्त सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला सुनाया।
Chhattisgarh liquor scam money laundering: सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इस मामले में ईडी की ईसीआईआर Enforcement Case Information Report (ECIR) और एफआईआर से यह पता चलता है कि कोई अपराध नहीं हुआ है और अपराध से कोई आय नहीं की गई है। इसलिए मनीलॉन्ड्रिंग का कोई केस नहीं बनता है और इसे रद्द किया जाता है।
Chhattisgarh liquor scam money laundering: सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस उज्जवल भुइयां की डबल बेंच ने इस मामले को सुना। सोमवार को अलग-अलग याचिकाओं की संयुक्त सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट में पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, उनके बेटे यश टुटेजा, कारोबारी अनवर ढेबर, उनकी पत्नी करिश्मा ढेबर, अरुणपति त्रिपाठी और सिद्धार्थ सिंघानिया ने 6 याचिकाएं लगाई थीं।
Chhattisgarh liquor scam money laundering: दूसरी तरफ रायपुर कोर्ट में सोमवार को दोबारा रिमांड के लिए पेश किए गए अनवर ढेबर और अरविंद सिंह की रिमांड राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने हासिल कर ली । दोनों को आज कोर्ट में पेश किया गया और ईओडब्ल्यू ने उनकी फिर रिमांड मांगी। कोर्ट ने दोनों को 12 अप्रैल तक रिमांड पर भेज दिया। सुप्रीम कोर्ट में इस केस के रद्द होने के बाद यह संभावना जताई जा रही है कि ईडी नई ईसीआईआर दर्ज कर सकती है।

