रायपुर ।  Pensioners’ Federation : राज्य पेंशनर्स महासंघ, छत्तीसगढ़ प्रदेश इकाई  ने मध्यप्रदेश सरकार की सहमति मिलने के बाद भी छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा अपने पेंशनरों को तीन प्रतिशत महँगाई राहत (डी.आर.) की किश्त जारी नहीं होने पर नाराजगी जताई है । महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव और राज्य तथा जिला स्तर के अन्य पदाधिकारियों ने पूछा है कि मध्यप्रदेश की सहमति मिले दस दिन बीत चुके हैं, इसके बावज़ूद छत्तीसगढ़ सरकार अपने ही प्रस्ताव पर मिली सहमति के अनुसार महंगाई राहत (डीआर) का आदेश जारी करने के लिए आखिर किस बात का इंतजार कर रही है? इस विषय में  सरकार की ख़ामोशी आश्चर्यजनक है ।

Pensioners’ Federation :   आज यहाँ जारी  प्रेस विज्ञप्ति में श्री नामदेव और महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा  है कि यह केवल प्रशासनिक देरी नहीं, बल्कि पेंशनरों के प्रति स्पष्ट भेदभाव और अन्याय है। एक ओर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा अपने कर्मचारियों के लिए तीन प्रतिशत महंगाई भत्ते (डीए) का आदेश 12 जनवरी 2026 को तत्काल जारी कर दिया जाता है, वहीं दूसरी तरफ पेंशनरों को अनावश्यक रूप से प्रतीक्षा में रखा जाता है।


 Pensioners’ Federation : प्रेस विज्ञप्ति में महासंघ की ओर से बताया गया है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा अपने पेंशनरों को डीआर देने का प्रस्ताव 9 फरवरी 2026 को  मध्यप्रदेश शासन को भेजा गया था, जिस पर 23 मार्च 2026 को मध्यप्रदेश केबिनेट द्वारा सहमति प्रदान कर दी गई है। इसके लिए मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 49(6) के अंतर्गत आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद छत्तीसगढ़ सरकार आदेश क्यों जारी नहीं कर रही है, इस बारे में सरकार की ओर से स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए कि पेंशनरों को महँगाई राहत (डी. आर. ) देने में उसे क्या दिक्कत है? छत्तीसगढ़ के पेंशनरों को  81 माह का लंबित डीआर एरियर भी अब तक नहीं दिया गया है, जिससे लाखों पेंशनरों में नाराजगी व्याप्त है।

Pensioners’ Federation :  पेंशनर्स महासंघ के प्रदेश पदाधिकारी क्रमशः  जे.पी. मिश्रा (कार्यकारी प्रांताध्यक्ष), श्रीमती द्रौपदी यादव (प्रदेश उपाध्यक्ष),अनिल गोल्हानी (महामंत्री), टी.पी. सिंह (प्रदेश संगठन मंत्री), बी.एस. दसमेर (कोषाध्यक्ष)
संभागीय अध्यक्ष प्रवीण कुमार त्रिवेदी (रायपुर), राजेश कश्यप (बिलासपुर), गुरुचरण सिंह (अंबिकापुर), आर.एन. ताटी (जगदलपुर) प्रकोष्ठ संयोजक सुरेश मिश्रा (केंद्रीय सेवानिवृत्त अधिकारी कर्मचारी प्रकोष्ठ, रायपुर), अनिल पाठक (सेवानिवृत्त दैनिक वेतनभोगी/कार्यभारित प्रकोष्ठ, रायपुर) लता चावड़ा, प्रदेश संयोजक , सेवानिवृत्त महिला प्रकोष्ठ तथा जिला अध्यक्ष  क्रमशः खोड़स राम कश्यप (बलौदाबाजार), आर.जी. बोहरे (रायपुर), आई.सी. श्रीवास्तव (राजनांदगांव), राकेश जैन (बिलासपुर), परमेश्वर स्वर्णकार (जांजगीर-चांपा), रमेश नंदे (जशपुर), अभय शंकर गौराहा (रायगढ़), देवनारायण साहू (सारंगढ़), एम.एल. यादव (कोरबा), ओ.पी. भट्ट (कांकेर), आर.डी. झाड़ी (बीजापुर), एस.एन. देहारी (नारायणपुर), एस.के. धातोड़े (कोंडागांव), रूपकुमार झाड़ी (दंतेवाड़ा), शेख कासिमुद्दीन (सुकमा), प्रेमचंद गुप्ता (बैकुंठपुर), माणिक चंद्र (अंबिकापुर), राजेन्द्र पटेल (बलरामपुर), संतोष ठाकुर (सूरजपुर), आर.ए. शर्मा (गौरेला-पेंड्रा-मरवाही), सतीश उपाध्याय (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर), हरि प्रसाद मिश्रा (सक्ति), भैयालाल परिहार (मुंगेली), यवन कुमार डिंडोरे (बेमेतरा), रिखीराम साहू (महासमुंद), लखन लाल साहू (गरियाबंद), बी.के.वर्मा (दुर्ग), रामेंद्र तिवारी (मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी), प्रकाश गुप्ता (कबीरधाम), देवदत्त दुबे(खैरागढ़-छुईखदान-गंडई), अश्वनी नायक (डोंगरगढ़), अनूपनाथ योगी (आरंग) ने संयुक्त रूप से सरकार से मांग की है कि पेंशनरों के लिए तीन डीआर का आदेश तत्काल जारी किया जाए और 81 माह के लंबित डीआर एरियर के भुगतान के बारे में भी स्पष्ट निर्णय लिया जाए।
                           

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