स्वच्छता समाजशास्त्र तक सीमित नहीं, इसमें राजनीति, अर्थशास्त्र के साथ दर्शन और विज्ञान भी – वाजपेई
बिलासपुर । स्वच्छता एक बहुआयामी विषय है ।इसे केवल समाजशास्त्र तक ही सीमित नहीं रखा जा सकता है। इसमें अर्थशास्त्र भी है,राजनीति शास्त्र भी है,दर्शन भी, विज्ञान और तकनीकी भी ,अंतरराष्ट्रीय संबंध ,कानून और व्यवस्था भी,व्यापार औऱ प्रबंधन भी है इसलिए इसे किसी…