रायपुर। Land guideline rate withdrawn: :छत्तीसगढ़ में कुछ दिनों पूर्व जमीन की गाइडलाइन दर की घोषणा की गई थी। इसके खिलाफ कांग्रेस पार्टी एवं आम जनता ने भी नाराजगी जाहिर की थी। अब, सरकार ने गाइडलाइन के कई आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया है।
Land guideline rate withdrawn: सरकार का कहना है कि आम जनता से सुझाव आमंत्रित किया जा रहा है। जो लोग सुझाव देना चाहते हैं वे 31 दिसंबर 2025 तक सुझाव अथवा शिकायत जमा करवा सकते हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि अनेक आदेश को वापस लेने से जमीन की कीमतों में हुई वृद्धि से जनता को कुछ राहत मिल सकती है। सरकार ने नगर क्षेत्र में 1400 वर्ग मीटर के इंक्रीमेंटल आधार वाला आदेश, कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के सामने और पीछे के रेट को समान करने वाला आदेश और बहु-मंजिला इमारत के सुपर बिल्ट-अप एरिया के आधार पर बाजार मूल्य तय करने वाला आदेश वापस ले लिया है।

Land guideline rate withdrawn: उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में जमीन खरीद-फरोख्त के लिए गाइडलाइन दरों में वृद्धि से प्रदेश में राजनीतिक माहौल गरमाया है। अनेक जिलों में गाइडलाइन दर 100 प्रतिशत वहीं कई क्षेत्रों में 500 प्रतिशत तक वृद्धि की गई थी। जिस पर लोगों में नाराजगी छाई हुई है।
Land guideline rate withdrawn: मुख्यमंत्री साय ने कहा था कि वर्ष 2017 के बाद से गाइडलाइन दरों में कोई संशोधन नहीं हुआ था, जबकि नियमानुसार हर साल इन दरों की समीक्षा और सुधार आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि नई दरों से जनता पर बोझ बढ़ता है, तो सरकार आम जनता को राहत देने समीक्षा करेगी।गाइड लाइन दर में वृद्धि के मामले में कांग्रेस पार्टी ने तो विरोध जताया ही था। सत्ता पक्ष के सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर आगाह किया था कि गाइडलाइन दर वापस नहीं लेने पर अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है।.










