• मनेश की हो रही है सराहना, लोगों को मिल रहा पेड़ों की छांव में सुकून
सूरजपुर। Roadside greenery: जहां एक ओर लोग पर्यावरण संरक्षण की बातें करते हैं, वहीं शहर के एक युवा ने इसे अपने जीवन का संकल्प बना लिया। मनेश द्विवेदी एक ऐसा नाम, जिनके लगाए गए पौधे आज उनकी देखरेख में बड़े और हरे-भरे पेड़ों में बदल गए हैं जो न केवल फल दे रहे हैं, बल्कि राहगीरों को ठंडी छाया और आंखों को सुकून भी दे रहे हैं।
Roadside greenery: शहर के गायत्री मंदिर रोड से लेकर रेणुका नदी तक सड़क किनारे लगे हरे-भरे वृक्ष मनेश की मेहनत की जीवंत पहचान बन चुके हैं। सड़क किनारे करीब अब तक वह करीब सौ से अधिक पेड़ों को सुरक्षित लगाकर हरे-भरे कर चुके हैं। सुबह-शाम टहलने आने वाले लोग जब इन पेड़ों के बीच से गुजरते हैं, तो उनकी तारीफ किए बिना नहीं रह पाते।
Roadside greenery: यह हरियाली अब इस क्षेत्र की पहचान बन गई है।मनेश का स्वभाव बेहद सरल है और वे अपने काम से काम रखने वाले व्यक्ति हैं। लेकिन पेड़ों के प्रति उनका समर्पण असाधारण है। उनकी दिनचर्या में हर दिन सुबह-शाम पेड़ों की देखभाल शामिल है खाद, पानी और सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी वे खुद निभाते हैं। वे मानते हैं कि पेड़ों में भी ईश्वर का वास होता है और उनकी सेवा ही सच्ची पूजा है।
Roadside greenery: उन्होंने अब तक पीपल, आम, कटहल, जामुन, तूत, मुनगा जैसे, फलदार और छायादार वृक्ष लगाए हैं। खास बात यह है कि फल के मौसम में वे राहगीरों को इन पेड़ों के फल भी प्रेमपूर्वक खिलाते हैं चाहे जामुन हो या आम, हर किसी के चेहरे पर मुस्कान लाना उनका स्वभाव बन चुका है। मनेश को यह प्रेरणा करीब 10 साल पहले तत्कालीन रमन सरकार के उस अभियान से मिली, जिसमें हर व्यक्ति को पांच पेड़ लगाने के लिए प्रेरित किया जाता था। उसी प्रेरणा को उन्होंने अपने जीवन का उद्देश्य बना लिया और आज वह एक प्रेरक उदाहरण बनकर उभरे हैं।
Roadside greenery: सार्वजनिक स्थानों पर अकेले पेड़ों की देखभाल करते हुए इनकोअक्सर लोग देखते हैं,और यही समर्पण अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बन चुका है। उनका यह प्रयास न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक मजबूत कदम है, बल्कि समाज के लिए एक प्रेरणादायक संदेश भी है,अगर संकल्प सच्चा हो,तो बदलाव अकेला व्यक्ति भी ला सकता है।










