रायपुर । Pensioners’ Federation :  भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ, छत्तीसगढ़ प्रदेश ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर द्वारा  23 मार्च 2026 को रिट अपील क्रमांक 470/2022 में दिए गए महत्वपूर्ण निर्णय का स्वागत किया है और इसे प्रदेश के हजारों कर्मचारियों एवं पेंशनरों के लिए ऐतिहासिक और न्यायपूर्ण फैसला बताया है।

Pensioners’ Federation :   महासंघ के प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव तथा सेवानिवृत्त दैनिक वेतनभोगी प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक अनिल पाठक ने कहा कि माननीय न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई कर्मचारी प्रारंभ में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत रहा हो और बाद में नियमित किया गया हो, तो उसके नियमितीकरण से पूर्व की सेवा अवधि को भी पेंशन योग्य सेवा में जोड़ा जाएगा। यह निर्णय उन कर्मचारियों के साथ हुए लंबे समय से अन्याय को समाप्त करने वाला है, जिन्हें उनकी वास्तविक सेवा का पूर्ण लाभ नहीं मिल पा रहा था।

Pensioners’ Federation :  महासंघ के पदाधिकारियों  कार्यकारी प्रांताध्यक्ष जे.पी. मिश्रा, महामंत्री अनिल गोल्हानी, संगठन मंत्री टी.पी. सिंह, कोषाध्यक्ष बी.एस. दसमेर, संभागीय अध्यक्ष प्रवीण कुमार त्रिवेदी, जिला रायपुर अध्यक्ष आर.जी. बोहरे सहित अन्य प्रतिनिधियों ने कहा कि  यह हाई कोर्ट का फैसला यह दर्शाता है कि कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा सर्वोपरि है। न्यायालय ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि पूर्व सेवा को नजरअंदाज करना उचित नहीं है तथा पात्रता रखने वाले कर्मचारियों को पेंशन सहित सभी सेवानिवृत्ति लाभ प्रदान किए जाने चाहिए।

Pensioners’ Federation :  महासंघ ने छत्तीसगढ़ शासन से मांग की है कि इस निर्णय के अनुरूप सामान्य प्रशासन विभाग एवं वित्त विभाग के माध्यम से शीघ्र स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएं ताकि दैनिक वेतनभोगी से नियमित हुए कर्मचारियों की पूर्व सेवा अवधि को पेंशन में जोड़ा जा सके। साथ ही जिन पेंशनरों को अब तक इस लाभ से वंचित रखा गया है, उनके प्रकरणों की तत्काल समीक्षा कर संशोधित पेंशन स्वीकृत की जाए तथा बकाया राशि (एरियर्स) का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जाए। महासंघ ने यह भी निर्णय लिया है कि इस संबंध में शीघ्र ही मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन से भेंट कर विस्तृत ज्ञापन सौंपा जाएगा।

Previous articleBird Flu in Bilaspur:  कोनी समेत कई इलाके कंटेनमेंट जोन घोषित, 10 KM के दायरे में मुर्गे-अंडे की बिक्री पर रोक
Next articleFree Bus Service Scheme : वरिष्ठ नागरिकों को सरकार की फ्री  बस सेवा स्कीम का नहीं मिल रहा लाभ

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here