रायपुर। CG Liquor Scam: छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले में EOW-ACB ने  झारखंड जेल में बंद ओम साईं बेवरेज कंपनी के डायरेक्टर बताए जा रहे आरोपियों अतुल सिंह और मुकेश मनचंदा को ट्रांजिट रिमांड पर लिया है और  दोनों को रायपुर लाया जा रहा है।  शुक्रवार को इन्हें विशेष न्यायालय में पेश किया जाएगा।

CG Liquor Scam: रायपुर स्थित विशेष अदालत में EOW ने हाल ही में छठवां चार्जशीट दाखिल किया था। इसमें आरोप है कि ओम साईं बेवरेज से जुड़े विजय कुमार भाटिया को 14 करोड़ रुपये का फायदा पहुंचाया गया। भाटिया ने रकम निकालने के लिए अलग-अलग खातों और डमी डायरेक्टरों का इस्तेमाल किया। वहीं, नेक्सजेन पावर इंजिटेक से जुड़े संजय मिश्रा, मनीष मिश्रा और अभिषेक सिंह को करीब 11 करोड़ रुपये दिए जाने की बात सामने आई।

CG Liquor Scam: जांच एजेंसियों का कहना है कि इस पूरे घोटाले की नींव FL-10 लाइसेंस प्रणाली पर टिकी रही। राज्य सरकार ने शराब की खरीद और सप्लाई के लिए FL-10 A और FL-10 B दो तरह के लाइसेंस जारी किए थे। FL-10 A लाइसेंसधारकों को देश के किसी भी राज्य से शराब खरीदने और बेचने की छूट थी, जबकि FL-10 B लाइसेंस केवल छत्तीसगढ़ के निर्माताओं से विदेशी ब्रांड की शराब लेकर सप्लाई करने की अनुमति देता था। लेकिन हकीकत में यह पूरा कारोबार सीधे छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेज कॉर्पोरेशन को सौंप दिया गया और इसी के जरिए बड़े पैमाने पर अनियमितताएं और पैसों की हेरफेर हुई।

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