• महिला आयोग की अध्यक्ष ममता साहू ने कहा – शिविर लगाकर महिलाओं को करेंगे जागरूक

CG women Commission :  बिलासपुर। ( fourthline)l महिला आयोग की अध्यक्ष ममता साहू ने लिव-इन से जुड़े विवादों के बढ़ते मामलों पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में अंधविश्वास हमारे यहां एक बड़ी समस्या रहा है और सरगुजा और बस्तर में अंधविश्वास के मामले अब भी ज्यादा हैं। उन्होंने बताया कि आयोग में आने वाले मामलों को ध्यान में रखते हुए आयोग महिला अधिकारों और सामाजिक जागरूकता के लिए शिविर आयोजित करेगा।

 CG women Commission : आज प्रेस क्लब के पहुना कार्यक्रम में श्रीमती साहू ने बताया कि लिव-इन के मामले इन दिनों ज्यादा आने लगे हैं। उन्होंने  बताया कि महिला आयोग की एक सीमा होती है और इसी सीमा वह अपनी  राय जाहिर कर सकता है। हमारे पास ज्यादातर घरेलू हिंसा, कार्य स्थल पर यौन उत्पीड़न और महिलाओं की उन्नति रोकने के मामले ज्यादा आते हैं । उन्होंने बताया कि कानून बनाने की अनुशंसा महिला आयोग कर सकता है, लेकिन किसी कानून के तहत आयोग किसी को दंडित नहीं कर सकता। इसके लिए कोर्ट हैं। उन्होंने बताया कि 2005 में टोनही प्रताड़ना कानून महिला आयोग की अनुशंसा पर ही बना था। उन्होंने पत्रकारों को  को धन्यवाद करते हुए कहा कि मीडिया से महिला आयोग को काम करने में काफी मदद मिलती है ।

आयोग अलग तरह  सिविल न्यायालय

उन्होंने कहा कि महिला आयोग अलग तरह का सिविल न्यायालय है, जिसमें दस्तावेज का प्रकटीकरण किया जाता है, लेकिन वह कोर्ट की तरह भरण पोषण का आदेश नहीं दे सकता। अगर दोनों पक्ष राजी हों और कोर्ट ना जाना चाहे़ तब हम भरण पोषण का अधिकार दे सकते हैं।  कोर्ट में समय ज्यादा लगता है इसलिए कोशिश यही होती है कि महिला आयोग की जनसुनवाई में ही मामले सुलझ जाएं। उन्होंने बताया इस समय लिव इन के मामले ज्यादा आ रहे हैं।  बाद में महिलाएं शारीरिक शोषण का आरोप लगाती हैं। इसे पुलिस के साथ बैठकर रिव्यू करना पड़ता है।.

सरगुजा-बस्तर में अंधविश्वास के मामले अधिक

श्रीमती साहू ने बताया कि सरगुजा और बस्तर में अंधविश्वास के मामले  ज्यादा हैं।  यहां से सबसे ज्यादा टोनही प्रताड़ना, सामाजिक कुरीतियों और सामाजिक बहिष्कार के केस अधिक आते हैं। आयोग अम्बिकापुर में जल्दी ही महिला अधिकारों और सामाजिक जागरूकता के लिए शिविर लगाएगा । उन्होंने बताया कि अंबिकापुर में एक महिला के साथ टोनही कहकर अमानवीय  व्यवहार  किया गया था। वर्ष 2005 की इस घटना के बाद महिला आयोग की ही अनुशंसा पर छत्तीसगढ़ में टोनही प्रताड़ना कानून बना था।

पीएससी क्रेक किया, ज्वाइन नहीं किया

सीवी रमन विश्वविद्यालय से विधि में स्नातकोत्तर श्रीमती साहू के पिता कृपाराम साहू मध्य प्रदेश में सहकारिता मंत्री रहे । उन्होंने बताया कि उनके दो बेटे हैं। दोनों सिविल इंजीनियर हैं।  वह भाजपा महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष भी रहीं। इस पद पर रहते  हुए उन्होंने 35 राज्यों का का दौरा किया। तेलंगाना और आंध्र में सबसे पहले शाखा उन्होंने ही खुलवाई। राजनीतिक परिवार  से होने की वजह से राजनीति में आने की इच्छा बचपन से थी । उन्होंने पीएससी भी क्रेक किया था, लेकिन चयन होने के बाद भी कुछ कारणों से  ज्वाइन नहीं किया।

चेज भाजी बेहद पसंद

उन्होंने कहा उन्हें जब भी मौका मिलता है वह किचन में जाती हैं। उन्हें चेज भाजी लाल वाली बहुत पसंद है। इसके अलावा उन्हें बोहर भाजी भी पसंद हैं। वह धमतरी का प्रसिद्ध मूंग बड़ा बड़े शौक से बनाती हैं।

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