NEET UG 2026 re-exam: नई दिल्ली। मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 के री-एग्जाम से पहले केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। फर्जी पेपर लीक और ऑनलाइन ठगी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है। साथ ही, प्लेटफॉर्म के मैसेज एडिट फीचर को भी 30 जून तक बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।
NEET UG 2026 re-exam: जानकारी के अनुसार, 21 जून को प्रस्तावित री-एग्जाम को देखते हुए यह कदम उठाया गया है ताकि परीक्षा से जुड़ी अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं के प्रसार को रोका जा सके। एजेंसी का कहना है कि कुछ असामाजिक तत्व टेलीग्राम चैनलों के माध्यम से छात्रों और अभिभावकों को प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का झूठा दावा कर ठगी कर रहे थे।
फर्जी पेपर बेचने के नाम पर वसूली
जांच में सामने आया कि Paper Leaked NEET, Re-NEET 2026” और Private Mafia जैसे नामों से कई टेलीग्राम चैनल संचालित किए जा रहे थे। इन चैनलों के जरिए कथित तौर पर छात्रों से हजारों से लेकर लाखों रुपये तक की मांग की जा रही थी। एनटीए ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा का वास्तविक प्रश्नपत्र पूरी तरह सुरक्षित है और उसके लीक होने की कोई पुष्टि नहीं हुई है।
एडिट फीचर का हो रहा था दुरुपयोग
अधिकारियों के अनुसार, टेलीग्राम के मैसेज एडिट फीचर का इस्तेमाल भी भ्रामक सामग्री फैलाने के लिए किया जा रहा था। परीक्षा समाप्त होने के बाद पुराने संदेशों को संपादित कर उनमें वास्तविक प्रश्नपत्र जोड़ दिया जाता था, जिससे यह भ्रम पैदा होता था कि प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले ही लीक हो गया था। इसी तरह की गलत सूचनाओं को रोकने के लिए एडिट फीचर पर अस्थायी रोक लगाने का निर्णय लिया गया है।
छात्रों के भविष्य से समझौता नहीं
शिक्षा मंत्रालय और एनटीए ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाया जाएगा। मंत्रालय ने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। एनटीए ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट सूचना पर भरोसा न करें, केवल आधिकारिक स्रोतों से जानकारी प्राप्त करें और अपनी तैयारी पर ध्यान केंद्रित रखें।

