CG News : रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने वनवासी परिवारों की आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 7.14 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों को ₹162.32 करोड़ की प्रोत्साहन पारिश्रमिक राशि का वितरण शुरू किया। यह घोषणा सहकारिता सप्ताह और अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में की गई।
CG News : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में वर्ष-2023 की प्रोत्साहन राशि के वितरण का शुभारंभ किया गया। इस दौरान उत्कृष्ट तेंदूपत्ता संग्राहकों, वन धन विकास समितियों और महिला स्व-सहायता समूहों को सम्मानित किया गया। साथ ही वन धन विकास केंद्रों द्वारा तैयार पांच नए हर्बल उत्पादों का लोकार्पण और “वन धन विकास केन्द्र : आदिवासी सशक्तिकरण की बदलती तस्वीर, छत्तीसगढ़” पुस्तक का विमोचन भी हुआ।
CG News : वन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि तेंदूपत्ता केवल एक वनोपज नहीं, बल्कि लाखों वनवासी परिवारों की आर्थिक सुरक्षा और सम्मान का आधार है। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि वनवासियों की मेहनत का पूरा लाभ सीधे उनके बैंक खातों तक पहुंचे। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ अब केवल तेंदूपत्ता व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश के लगभग 13.50 लाख लघु वनोपज संग्राहक परिवारों के आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक विकास का मजबूत माध्यम बन चुका है। संग्राहकों को पारिश्रमिक, लाभांश, छात्रवृत्ति, सामाजिक सुरक्षा और न्यूनतम समर्थन मूल्य जैसी कई योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।
CG News : श्री कश्यप ने कहा कि सरकार अब इमली, महुआ, साल बीज, हर्रा, बहेरा और चिरौंजी जैसे लघु वनोपजों के मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण और विपणन पर विशेष ध्यान दे रही है। प्रदेश में संचालित 155 वन धन विकास केंद्र स्थानीय महिलाओं और स्व-सहायता समूहों को रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध करा रहे हैं। कार्यक्रम में गरियाबंद, महासमुंद, कटघोरा, नारायणपुर, जशपुर, जगदलपुर, धमतरी और कांकेर के उत्कृष्ट संग्राहकों, वन धन विकास समितियों और महिला स्व-सहायता समूहों को सम्मानित किया गया।









