• असामान्य वर्षा के कारण किसान परेशान, औसत वर्षा की प्रदेश में 78% ही बारिश 

• अतुल कांत खरे 
Drought risk in CG: बिलासपुर (fourthline) । छत्तीसगढ़ प्रदेश अलनीनो के प्रभाव से नहीं उबर  पा रहा है। असामान्य बारिश के कारण किसान परेशान है और लगभग 16 जिले में सूखे की स्थिति  के आसार दिखाई दे रहे हैं ।‌ इस बार प्रदेश में 60 फीसदी बारिश हुई है तो कहीं 35 फीसदी बारिश हुई है ।सरगुजा में पिछले साल की तुलना में बेहद कम बारिश हुई है केवल रायगढ़ और सारंगढ़ क्षेत्र में ही अच्छी वर्षा हुई है रायपुर में 45 फ़ीसदी वर्षा हुई है जिससे चिंता बढ़ रही है ‌।

Drought risk in CG: छत्तीसगढ़ में अलनीनो का मुख्य प्रभाव कमजोर मानसून और सूखे की आशंका के रूप में देखा जा रहा है, जिससे कृषि उत्पादन पर बुरा असर पड़ता है। प्रशांत महासागर के गरम सथिति होने से उत्पन्न मौसमी परिघटना राज्य में जलसंकट और किसानों की चिंता बढा रही है। छत्तीसगढ़ को धान  का कटोरा कहा जाता है और इसकी अच्छी पैदावार के लिए अच्छी औसत बारिश बहुत जरूरी होती है, लेकिन राज्य में सामान्य से कम बारिश होने पर धान की  रोपाई  में गिरावट आई है। आंकड़ों के अनुसार अलनीनो के  प्रभाव से खाद्यान्न उत्पादन  में 15 से 40% तक की कमी आ सकती है।

Drought risk in CG:  छत्तीसगढ़ में कहीं ज्यादा वर्षा हुई है तो कहीं कम। इसका पूरा प्रभाव खरीफ फसल पर पड़ता दिखाई दे रहा है। इससे आने वाले समय  में महंगाई बढ़ने की भी आशंका व्यक्त की जाने लगी है।  हालांकि पिछले दो दिन में हुई 133 मिली मीटर बारिश से थोड़ी खेती संभल गई है, लेकिन जिले में अभी भी  17% रकबे में धान की रोपाई बाकी है । मानसून को लेकर किसानों की फिक्र बढ गई है।

Drought risk in CG: वरिष्ठ कृषि विशेषज्ञ डॉ, बिपिन ब्यौहार बताते हैं कि शुरुआती सुूखे के कारण खेती पर खास असर पड़ा है। बीच में एक दिन बहुत ज्यादा पानी गिर जाने के कारण खेतों में पानी भर गया है जिससे धान की फसल पर  असर पड़ा है।  धान की रोपाई देर से शुरू हुई है यदि पिछले साल से तुलना करें तो किसान एक पखवाड़े देर से चल रहे हैं। पिछले एक सप्ताह से छत्तीसगढ़ में मानसून का असर बना हुआ है, लेकिन हल्की बारिश के कारण विशेष लाभ नहीं हो रहा है।

Drought risk in CG: वरिष्ठ कृषि विशेषज्ञ ए के स्वर्णकार का मानना है इस बार छत्तीसगढ़ में बारिश का प्रभाव असमान है। कई स्थानों पर 50 फ़ीसदी से भी कम बारिश हुई है । छत्तीसगढ़ के 16 जिलों में अभी से सूखे जैसे हालात बनते दिख रहे हैं । खरीफ लक्ष्य के करीब 80% तक बुवाई हो चुकी है। 16 जिलों को अभी भी अच्छी बारिश का इंतजार है ।कृषि विभाग के उपसंचालक पी डी  हटेश्वरी का मानना है कि खेती के काम में अब तेजी आई है।  पिछले साल इस समय तक बोनी पूरी हो गई थी। इस बार फसल पकने में भी देरी होगी , जिससे महंगाई बढ़ने की भी आशंका है।

उत्पादकता में गिरावट 

छत्तीसगढ़ में इस बार उत्पादकता में औसतन 15% की गिरावट आ सकती है। वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ ए के अग्रवाल ने बताया अलनीनो चक्र के दौरान दलहन और तिलहन की संयुक्त पैदावार में कमी आती है। इस बार बुवाई में देरी होने के कारण ,खरीफ पर असर पड़ेगा । पहले किसानों को खाद की समस्या आई और अब यह नई समस्या से जूझ रहे हैं । बिलासपुर,  रायपुर,  दुर्ग और बालोद में सूखे  के आसार दिखाई देने लगे हैं।

असामान्य वर्षा का नुकसान

अलनीनो से निपटने के लिए प्रदेश सरकार ने एक्शन प्लान तैयार किया है । पंधी के किसान रामेश्वर साहू बताते हैं पिछले साल इस समय तक खेती का 90 फ़ीसदी काम पूरा हो गया था, लेकिन इस बार खरीफ में देरी हो रही है। यदि अगस्त माह में सामान्य से कम वर्षा हुई तो महंगाई और बढ़ेगी ।10 दिन पूर्व  दो दिनों की अतिवृष्टि से क्षेत्र में फसलें डूब गई डूब गई थीं। इसका भी असर पड़ेगा।

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