• हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने किया स्वागत, कहा- यह हमारे लंबे संघर्ष का परिणाम
Bilaspur airport : बिलासपुर । छत्तीसगढ़ सरकार ने बिलासपुर एयरपोर्ट में सुविधाओं के विस्तार की बड़ी पहल की है और बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट के टर्मिनल विस्तार का टेंडर जारी कर दिया गया है। इसके तहत लगभग 6:50 करोड रुपए की लागत से 22000 वर्गफीट में निर्माण किया जाएगा, जिसमें लगभग 16000 वर्गफीट निर्माण केंद्रीय रूप से खुला होगा।
Bilaspur airport : हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा है कि यह लंबे समय से जारी हमारे संघर्ष का परिणाम है। गौरतलब है कि वर्तमान में बिलासपुर एयरपोर्ट में टर्मिनल भवन वस्तुतः 1980 के दशक के पुराने भवन और उसमें किए गए मामूली सुधार और विस्तार के तहत चलाई जा रही है। बिलासपुर में 72 सीटर विमान ऑपरेशन में हैं परंतु डिपार्चर हाल में 72 लोगों के बैठने की भी सुविधा नहीं है।
Bilaspur airport : अराइवल हॉल का हाल और बुरा है, यहां बमुश्किल 30 35 कुर्सियां हैं और पूरे यात्रियों के एक साथ खड़े होने पर जाम जैसी स्थिति हो जाती है। टर्मिनल भवन में एकमात्र कॉफी शॉप है। इसी तरह टॉयलेट आदि भी बहुत कम संख्या में है। इसी के अंदर विप लॉन्च भी है और इससे जुड़ा हुआ एयरपोर्ट प्रबंधन का ऑफिस भी। कुल मिलाकर वर्तमान टर्मिनल भवन अत्यंत छोटा है और इंडिगो जैसी बड़ी कंपनियों के की उड़ान प्रारंभ नहीं करने के पीछे यह भी एक बड़ा कारण था।
Bilaspur airport : हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने बताया कि पीडब्ल्यूडी द्वारा जारी यह टेंडर 6:50 करोड रुपए का है और बनने वाला भवन वर्तमान भवन के आगे जहां पर एयरपोर्ट का दरवाजा और बाउंड्री वॉल है उसी जगह बनाया जाएगा। इसका आकार लगभग 22000 वर्गफीट होगा और 16000 वर्ग फीट क्लोज एरिया होगा जिसमें पूरा का पूरा डिपार्चर हाल शिफ्ट हो जाएगा और पुराने टर्मिनल भवन को केवल अराइवल हाल के रूप में उपयोग किया जाएगा।
Bilaspur airport : हवाई सुविधाजन संघर्ष समिति ने टेंडर का भली-भांति प्रचार प्रसार किए जाने की मांग की है और कहा है की अच्छी गुणवत्ता से काम करने वाले ठेकेदार इसमें भाग लें और जल्दी से जल्दी सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद यह काम प्रारंभ किया जाए। निविदा डालने की अंतिम तारीख 21 अगस्त है और इसे 27 अगस्त को खोला जाएगा।









