CG Paddy purchase : रायपुर । छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की शुरुआत 15 नवंबर से होगी। इस साल राज्य सरकार 27.50 लाख से अधिक किसानों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदेगी। प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान की खरीदी की जाएगी। किसानों की सुविधा के लिए प्रदेश में 360 नए उपार्जन केंद्र शुरू किए जा रहे हैं, जिसके बाद खरीदी केंद्रों की संख्या 3100 हो गई है।
10 नवंबर से मिलेगा टोकन, खरीदी 15 नवंबर से
धान खरीदी के लिए किसानों को 10 नवंबर से टोकन मिलना शुरू हो जाएगा। खरीदी का सीजन 15 नवंबर से 15 जनवरी तक निर्धारित किया गया है। किसान खरीदी शुरू होने से पांच दिन पहले ही अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी दिन का टोकन ले सकेंगे। इससे किसानों को धान बेचने के लिए पहले से तारीख और समय तय करने की सुविधा मिलेगी।
तुंहर टोकन ऐप से घर बैठे टोकन
किसान गूगल प्ले स्टोर से ‘तुंहर टोकन’ मोबाइल ऐप डाउनलोड कर ओटीपी के माध्यम से पंजीयन कर सकते हैं। प्रत्येक समिति की प्रतिदिन निर्धारित खरीदी सीमा में से 70 प्रतिशत टोकन ऐप के जरिए जारी किए जाएंगे, जबकि बाकी 30 प्रतिशत टोकन समिति स्तर पर मिलेंगे। ऐप के माध्यम से किसान 24 घंटे टोकन प्राप्त करने की सुविधा का लाभ उठा सकेंगे और उन्हें समिति में लंबी कतारों में खड़े होने की जरूरत नहीं होगी।
एग्रीस्टैक आईडी वाले किसानों को दोबारा पंजीयन की जरूरत नहीं
राज्य सरकार ने एग्रीस्टैक आईडी वाले पिछले वर्ष के पंजीकृत किसानों को इस बार धान बेचने के लिए मान्य किया है। ऐसे किसानों को अलग से पंजीयन कराने की जरूरत नहीं होगी। एग्रीस्टैक में पंजीयन होने पर समिति में अलग से ऋण पुस्तिका जमा करने की आवश्यकता भी नहीं होगी। डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से किसानों के धान के रकबे का ऑनलाइन निर्धारण किया जाएगा।
80 प्रतिशत टोकन छोटे किसानों के लिए
ऐप के माध्यम से जारी होने वाले 70 प्रतिशत टोकन में से 80 प्रतिशत लघु एवं सीमांत किसानों के लिए और 20 प्रतिशत बड़े किसानों के लिए निर्धारित किए गए हैं। जमीन के रकबे के आधार पर टोकन की संख्या तय की गई है। दो एकड़ तक जमीन वाले किसानों को एक, दो एकड़ से अधिक और 10 एकड़ तक जमीन वालों को दो, जबकि 10 एकड़ से अधिक जमीन वाले किसानों को अधिकतम तीन टोकन मिलेंगे।
वैकल्पिक फसल लेने वाले किसानों का पंजीयन 15 नवंबर तक
कृषक उन्नति योजना के तहत धान के बदले दूसरी फसल लेने वाले किसानों को 15 नवंबर तक पंजीयन कराने का मौका दिया गया है। कृषि विभाग के उप संचालक डीपीएस कंवर के अनुसार, योजना में धान की जगह वैकल्पिक फसल लेने वाले किसानों को पहले वर्ष 15 हजार रुपए प्रति एकड़ और इसके बाद के वर्षों में 10 हजार रुपए प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान है। पात्र किसान संबंधित समिति में आवेदन जमा कर सकते हैं।



