Marriage in Jail : जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के केंद्रीय जेल जगदलपुर में शुक्रवार को एक अनोखा विवाह संपन्न हुआ। दुष्कर्म के मामले में न्यायिक हिरासत में बंद एक विचाराधीन बंदी ने न्यायालय की अनुमति से अपनी प्रेमिका के साथ जेल परिसर में सात फेरे लिए। विवाह सभी कानूनी प्रक्रियाओं और सामाजिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न कराया गया।
Marriage in Jail : इस विवाह के साक्षी जेल प्रशासन, दोनों पक्षों के सीमित परिजन, अधिवक्ता और समाजसेवी बने। न्यायालय की अनुमति के अनुसार केवल निर्धारित लोगों को ही समारोह में शामिल होने की अनुमति दी गई थी। जेल प्रशासन के अनुसार विचाराधीन बंदी सुरेश सेठिया का विवाह न्यायालय की विशेष अनुमति और दोनों परिवारों की सहमति के बाद कराया गया।
7 माह से न्यायिक हिरासत में
सुरेश सेठिया पिछले करीब 7 महीनों से दुष्कर्म के मामले में न्यायिक हिरासत में केंद्रीय जेल में बंद है। आरोप है कि उसकी प्रेमिका के परिजनों ने बोधघाट थाने में शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद न्यायालय के आदेश पर उसे जेल भेजा गया। मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है और उस पर अंतिम फैसला आना बाकी है।
जेल में ही पूरी हुई शादी की प्रक्रिया
जेल में बंद रहने के दौरान युवती उससे मिलने आती रही। बाद में दोनों ने आपसी सहमति से विवाह करने का निर्णय लिया। इसके बाद बंदी ने जेल प्रशासन को इसकी जानकारी दी और अधिवक्ताओं के माध्यम से न्यायालय में विवाह की अनुमति के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। दोनों के बालिग होने और आपसी सहमति को देखते हुए न्यायालय ने जेल परिसर में विवाह की अनुमति प्रदान की।
जेल अधीक्षक ने कहा-
केंद्रीय जेल के अधीक्षक अक्षय तिवारी ने बताया कि न्यायालय की अनुमति और दोनों परिवारों की सहमति मिलने के बाद विवाह की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई गईं। इसके बाद पंडित की मौजूदगी में विधि-विधान से विवाह संपन्न कराया गया।









