मुंबई | Asha bhosle passed away : भारतीय पार्श्व गायन की सबसे प्रदीप्त नक्षत्र, आशा भोसले अब हमारे बीच नहीं रहीं। 92 वर्ष की आयु में उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली। कल शनिवार को कार्डियक अरेस्ट के बाद उन्हें अस्पताल के इमरजेंसी मेडिकल सर्विसेज यूनिट (ICU) में भर्ती कराया गया था।
Asha bhosle passed away : देश और दुनिया भर में फैले उनके करोड़ों प्रशंसक उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे थे, लेकिन रविवार दोपहर यह दुखद खबर सामने आई। आशा भोसले ने मात्र 10 साल की उम्र में 1943 में अपने गायन सफर की शुरुआत की थी। उनके निधन के साथ ही भारतीय सिनेमा और संगीत के उस युग का अंत हो गया है जिसने पार्श्व गायन को नई ऊंचाइयां दी थीं। बहुमुखी प्रतिभा: उन्होंने 20 से अधिक भाषाओं में 10,000 से अधिक गाने रिकॉर्ड किए।
Asha bhosle passed away : भजन से लेकर पॉप, गज़ल और कैबरे तक, उनकी आवाज़ ने हर शैली में अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की। ग्रैमी नामांकन पाने वाली पहली भारतीय गायिकाओं में से एक थीं और दादा साहब फाल्के पुरस्कार सहित अनगिनत सम्मानों से नवाजी गई थीं।
शनिवार शाम जब उन्हें ब्रीच कैंडी अस्पताल लाया गया, तो डॉ. प्रतीत समदानी और उनकी टीम उन्हें बचाने के हरसंभव प्रयास कर रही थी। उनकी बहन ऊषा मंगेशकर और परिवार के अन्य सदस्य लगातार अस्पताल में मौजूद थे। डॉक्टरों के अनुसार, उम्र संबंधी समस्याओं और फेफड़ों की बीमारी के चलते उनके शरीर ने उपचार में अधिक सहयोग नहीं किया।जैसे ही आशा जी के निधन की खबर फैली, बॉलीवुड और वैश्विक संगीत बिरादरी में शोक की लहर दौड़ गई है।
Asha bhosle passed away : महान हस्तियों ने इसे एक ‘निजी क्षति’ बताया है। विशेषज्ञों का कहना है कि संगीत के इतिहास में आशा जी जैसी ‘एडैप्टेबिलिटी’ (अनुकूलन क्षमता) वाला कलाकार दोबारा मिलना मुश्किल है, जिन्होंने हर पीढ़ी के संगीतकार के साथ खुद को ढाला। भले ही आशा भोसले जी शारीरिक रूप से हमारे बीच नहीं रहीं, लेकिन उनके गाए हुए हजारों गीत आने वाली कई पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे। ‘दम मारो दम’ की मस्ती से लेकर ‘इन आँखों की मस्ती’ की गहराई तक, उनकी आवाज़ हमेशा फिजाओं में गूंजती रहेगी।










