• सिम्स में दो दिवसीय ‘सीजी माइक्रोकॉन-2026’ का आयोजन
• देशभर से जुटे माइक्रोबायोलॉजी विशेषज्ञ

CG MicroCon-2026 : बिलासपुर। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स),बिलासपुर के सभागार में माइक्रोबायोलॉजी विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘सीजी माइक्रोकॉन-2026’ सम्मेलन का  आयोजन 8 एवं 9 अगस्त को किया गया। सम्मेलन का केंद्रीय विषय “सूक्ष्मजीवी आक्रमण की घेराबंदी में मानवता—हस्तक्षेप की संकीर्ण राह” था। सम्मेलन में संक्रमण की बदलती चुनौतियों, एंटीबायोटिक प्रतिरोध और आधुनिक चिकित्सा तकनीकों के माध्यम से संक्रमणों की रोकथाम एवं उपचार पर देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए।

CG MicroCon-2026 :  कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पं. दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय,रायपुर के कुलपति प्रो. डॉ. प्रदीप कुमार पात्रा ने कहा कि आज के समय में सूक्ष्मजीवी संक्रमण केवल चिकित्सा विज्ञान के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि बदलते संक्रमण, रोगाणुओं की दवा प्रतिरोधक क्षमता तथा नए-नए संक्रमणों के सामने चिकित्सा क्षेत्र को निरंतर सजग और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ना होगा। समय पर जांच, सटीक निदान,संक्रमण की रोकथाम और एंटीबायोटिक दवाओं के विवेकपूर्ण उपयोग को अपनाकर ही हम इस चुनौती का प्रभावी ढंग से सामना कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा,अनुसंधान और चिकित्सकीय अनुभव के बीच बेहतर समन्वय भविष्य की स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

CG MicroCon-2026 : सिम्स के अधिष्ठाता (माइक्रोबायोलाजीस्ट )डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि सूक्ष्मजीवी आक्रमण की घेराबंदी में मानवता के सामने हस्तक्षेप की राह भले ही चुनौतीपूर्ण और संकीर्ण हो, लेकिन वैज्ञानिक सोच,आधुनिक तकनीक और चिकित्सकीय दक्षता के माध्यम से इस राह को प्रभावी बनाया जा सकता है।” उन्होंने कहा कि संक्रमण के उपचार के साथ-साथ उसकी रोकथाम पर विशेष ध्यान देना समय की आवश्यकता है। अस्पतालों में संक्रमण नियंत्रण के मानकों का पालन, संक्रमण का शीघ्र पता लगाना और दवाओं का आवश्यकता के अनुरूप उपयोग मरीजों की सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। डा मूर्ति ने कहा कि ऐसे वैज्ञानिक सम्मेलन चिकित्सकों और विद्यार्थियों को नवीनतम ज्ञान से जोड़ने के साथ-साथ चिकित्सा क्षेत्र में अनुसंधान की नई संभावनाओं को भी प्रोत्साहित करते हैं।

CG MicroCon-2026 :   माइक्रोबायोलॉजी विभाग की *विभागाध्यक्ष डॉ. रेखा बारापात्रे ने सम्मेलन के विषय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सूक्ष्मजीव लगातार अपने स्वरूप और प्रतिरोधक क्षमता में बदलाव कर रहे हैं।ऐसे में चिकित्सा जगत के सामने सबसे बड़ी चुनौती संक्रमण की सही समय पर पहचान और प्रभावी उपचार की है। उन्होंने कहा कि एंटीबायोटिक दवाओं का अनावश्यक एवं गलत उपयोग संक्रमणों को और अधिक जटिल बना सकता है। इसलिए चिकित्सकों,चिकित्सा विद्यार्थियों और आमजन को एंटीबायोटिक के जिम्मेदार उपयोग के प्रति जागरूक करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि माइक्रोबायोलॉजी केवल प्रयोगशाला तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि मरीज के सही निदान और बेहतर उपचार की पूरी प्रक्रिया में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।

CG MicroCon-2026 :  सम्मेलन में मलेरिया के टीके, डेंगू, उभरते बैक्टीरियल संक्रमण, रोगाणुरोधी दवाओं के विवेकपूर्ण उपयोग, एंटीबायोटिक की उचित खुराक,उभरते बहु-दवा प्रतिरोधी फंगल संक्रमण तथा जटिल बहु-दवा प्रतिरोधी मूत्र मार्ग संक्रमण (एमडीआर-यूटीआई) जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान एवं विचार-विमर्श किया गया।

CG MicroCon-2026 :  सम्मेलन में डॉ. राकेश सिंह, डॉ. अनुदिता भार्गव, डॉ. मनदीप सेन, डॉ. नेहा गुप्ता, डॉ. वी. बालाजी, डॉ. श्रीपद तकलीकर, डॉ.राहुल कांबले, डॉ.नवींनचंद्र एम.काओरे एवं डॉ.गरिमा सैगल सहित विभिन्न स्थानों से आए विशेषज्ञ वक्ताओं ने अपने अनुभव एवं नवीनतम चिकित्सकीय जानकारी साझा की। कार्यक्रम में सिम्स के चिकित्सा अधीक्षक डॉ.लखन सिंह, कोनी स्थित शासकीय सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ.भानु प्रताप सिंह, सिम्स के नोडल अधिकारी डॉ. भूपेंद्र कश्यप, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सागरिका प्रधान, डॉ. तजम्मुल हुसैन, डॉ. ऋचा पांडेय सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, चिकित्सक,चिकित्सा शिक्षक, पीजी रेजिडेंट एवं एमबीबीएस विद्यार्थी उपस्थित थे।

CG MicroCon-2026 :  सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के विभिन्न चिकित्सा महाविद्यालयों से आए पीजी एवं यूजी विद्यार्थियों के लिए पोस्टर एवं मौखिक प्रस्तुति प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने माइक्रोबायोलॉजी एवं संक्रमण नियंत्रण से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपनी वैज्ञानिक प्रस्तुतियां दीं। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों एवं विजेताओं को सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति द्वारा प्रमाण-पत्र प्रदान किय गया। दो दिवसीय सम्मेलन ने चिकित्सकों एवं विद्यार्थियों को संक्रमणों की बदलती प्रकृति, एंटीमाइक्रोबियल प्रतिरोध तथा आधुनिक निदान एवं उपचार पद्धतियों की जानकारी देने के साथ चिकित्सा क्षेत्र में सतत सीखने, शोध और वैज्ञानिक सहयोग की दिशा में महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया।

CG MicroCon-2026 :  समापन अवसर पर सम्मेलन की सचिव डॉ. सागरिका प्रधान ने मुख्य अतिथि, आमंत्रित विशेषज्ञों, चिकित्सा शिक्षकों, प्रतिभागियों, पीजी एवं यूजी विद्यार्थियों तथा आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। ‘सीजी माइक्रोकॉन-2026’ ने संक्रमण के विरुद्ध मानवता की लड़ाई में विज्ञान, जागरूकता और जिम्मेदार चिकित्सा हस्तक्षेप को मजबूत बनाने का संदेश दिया।

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