Police Refresher Course : बिलासपुर। पुलिस की कार्यप्रणाली को अधिक चुस्त-दुरुस्त, संवेदनशील और तनावमुक्त बनाने के उद्देश्य से बिलासपुर रेंज में तीन दिवसीय ‘रेंज स्तरीय रिफ्रेशर कोर्स’ प्रशिक्षण कार्यशाला के पहले दिन पुलिस अधिकारियों के मानसिक स्वास्थ्य और कार्यक्षमता को बढ़ाने के लिए विशेष सत्र आयोजित किए गए। यह कार्यशाला आईजी रामगोपाल गर्ग, एसएसपी रजनेश सिंह , एएसपी मधुलिका सिंह के मार्गदर्शन आयोजित की जा रही है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में रेंज के विभिन्न थानों व विभागों से आए लगभग 150 पुलिस अधिकारियों ने हिस्सा ले रहे हैं।

Police Refresher Course : कार्यशाला के विशेष सत्र में ब्रह्माकुमारीज़ बिलासपुर के मुख्य सेवाकेंद्र ‘राजयोग भवन’ की संचालिका बीके स्वाति दीदी ने कहा कि पुलिस विभाग का दायित्व बेहद चुनौतीपूर्ण है, जिसके कारण अधिकारी चौबीसों घंटे मानसिक दबाव में रहते हैं। इस दबाव का सीधा असर उनके स्वास्थ्य और निर्णय लेने की क्षमता पर पड़ता है। उन्होंने ‘विशेष खुशी’ के रहस्य को उजागर करते हुए बताया कि सच्ची खुशी बाहरी परिस्थितियों या भौतिक साधनों पर निर्भर नहीं करती, बल्कि यह हमारे आंतरिक विचारों और दृष्टिकोण का परिणाम है।
Police Refresher Course : स्वाति दीदी ने जीवन में बच्चों की तरह सरल और खुश रहने का अद्भुत मंत्र दिया।उन्होंने कहा कि एक छोटा बच्चा कभी तनाव में नहीं रहता क्योंकि वह वर्तमान में जीता है। बच्चे के मन में कोई द्वेष, ईर्ष्या, अहंकार या भविष्य की चिंता नहीं होती, वह छोटी-छोटी बातों में भी अपनी खुशी ढूंढ लेता है। ठीक इसी प्रकार, यदि पुलिस अधिकारी भी अपने भीतर के उस बच्चे को जीवित रखें, कार्यस्थल की परिस्थिति को वर्तमान में स्वीकार करें, तो तनाव उनके पास भी नहीं फटकेगा।
Police Refresher Course : खुशी कोई बाहरी वस्तु नहीं बल्कि हमारे आंतरिक विचारों की ऊर्जा है। जब हम खुश होते हैं, तो हमारा मस्तिष्क सकारात्मक हार्मोन्स (जैसे एंडोर्फिन और डोपामाइन) का स्राव करता है, जो शरीर और मन के तनाव को तुरंत सोख लेते हैं। खुश रहने से विपरीत परिस्थितियों में भी सही निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है और मानसिक थकान दूर होती है। खुशमिजाज व्यक्ति का सुरक्षा कवच इतना मजबूत होता है कि कोई भी बाहरी नकारात्मकता या तनाव उसके मानसिक संतुलन को डिगा नहीं सकती। इसलिए, बेहतर जनसेवा के लिए सबसे पहली शर्त है—स्वयं को आंतरिक रूप से खुश और संतुष्ट रखना। यदि मन सशक्त और सकारात्मक है, तो बड़ी से बड़ी चुनौतियों का सामना भी सहजता से किया जा सकता है। उन्होंने राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से मन को शांत रखने और नकारात्मक विचारों को समाप्त करने के तरीके साझा किए।
Police Refresher Course : कार्यशाला को सफल बनाने में ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान की वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बीके संतोषी दीदी और समाजसेवी डॉ कमल छाबड़ा भाई का विशेष सहयोग रहा। कार्यशाला के समापन पर पुलिस विभाग के अधिकारियों ने ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान से पधारे अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के रिफ्रेशर कोर्स पुलिस बल के मानसिक मनोबल को बढ़ाने और उन्हें जनता के प्रति अधिक संवेदनशील बनाने में मील का पत्थर साबित होंगे।

