Pensioners’ protest ends : रायपुर । भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ के सहयोगी संगठन  इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय पेंशनर्स शिक्षक संघ के तत्वावधान में  विश्वविद्यालय (आईजीकेवी) के पेंशनरों एवं सेवानिवृत्त शिक्षकों द्वारा अपनी  मांगों को लेकर 27 जुलाई 2026 से चलाया जा रहा शांतिपूर्ण क्रमिक धरना आंदोलन आज 20अगस्त को समाप्त हो गया। महासंघ की पहल पर 24 पेंशनरों के पी.पी. ओ.(पेंशन पेमेंट ऑर्डर)कल 19अगस्त को जारी कर दिए गए।

Pensioners’ protest ends :  पेंशनर्स महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने यह जानकारी दी । उन्होंने बताया कि पेंशनरों की समस्याओं के समाधान के लिए भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ ने भी लगातार प्रयास किए।  महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने  प्रदेश अध्यक्ष श्री नामदेव के नेतृत्व में वित्त सचिव डॉ .रोहित यादव से मुलाकात कर पेंशनरों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। वित्त सचिव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति से चर्चा कर समाधान निकालने का भरोसा दिलाया था। इसके साथ ही महासंघ के प्रतिनिधियों ने कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल से कई बार मुलाकात कर पेंशनरों की समस्याओं पर चर्चा की थी ।

Pensioners’ protest ends :  कुलपति ने वित्त विभाग से नियुक्त वित्त नियंत्रक के समन्वय से  पेंशन संबंधी समस्याओं के  समाधान के लिए प्रयास करने का आश्वासन दिया। इस पूरे मामले के समाधान में भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश महामंत्री प्रवीण कुमार त्रिवेदी एवं विश्वविद्यालय प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक एन .के. चौबे की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।उन्होंने लगातार विश्वविद्यालय के कुलपति, कुलसचिव एवं वित्त नियंत्रक से संपर्क कर पेंशनरों की समस्याओं को उनके समक्ष रखा तथा लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के लिए लगातार चर्चा करते रहे। उनके निरंतर प्रयासों से विश्वविद्यालय प्रशासन और पेंशनर्स महासंघ के बीच समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण मदद मिली।

  ये थीं प्रमुख मांगें
         
Pensioners’ protest ends : श्री नामदेव ने बताया कि पेंशनर्स महासंघ ने विश्वविद्यालय प्रशासन का ध्यान प्रमुख रूप से पाँच बिंदुओं की ओर आकर्षित किया था। कृषि विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ शासन के पेंशन एवं महँगाई राहत(डी . आर.)संबंधी आदेशों का पालन करने के लिए बाध्य है और वर्ष 2023 तक शासन के आदेशों के अनुरूप महँगाई  राहत (डी.आर . )का भुगतान किया जाता रहा। लेकिन वर्ष 2023 के बाद पेंशनरों को शासन के आदेश के अनुरूप महँगाई राहत की राशि नहीं मिलने से अलग-अलग मामलों में 2 माह से लेकर 13 माह तक का एरियर लंबित है। दूसरी प्रमुख समस्या यह रही कि 42 प्रतिशत महँगाई राहत के बाद सीधे 50 प्रतिशत महँगाई राहत का आदेश जारी किया गया, जबकि बीच में 46 प्रतिशत महंगाई राहत का आदेश जारी नहीं किया गया।

Pensioners’ protest ends : लगभग 10 से 12 पेंशनरों के पेंशन प्रकरण वर्षों से लंबित थे और पी पी.ओ .(पेंशन पेमेंट ऑर्डर)जारी नहीं होने के कारण उन्हें 90 प्रतिशत पेंशन का ही भुगतान किया जा रहा था। इन प्रकरणों के निराकरण में देरी का लिखित कारण भी संबंधित पेंशनरों को उपलब्ध नहीं कराया गया। श्री नामदेव ने बताया कि महासंघ ने विश्वविद्यालय में आय के स्रोत से पेंशन फंड के निर्माण संबंधी प्रावधान का पालन सुनिश्चित करने तथा पेंशन व्यवस्था को सुदृढ़ करने की मांग भी रखी। उन्होंने बताया कि एक महत्वपूर्ण मुद्दा प्राध्यापकों की सेवानिवृत्ति आयु से जुड़ा हुआ था।

Pensioners’ protest ends :  विश्वविद्यालय प्रशासन के आदेश से प्राध्यापकों को 65 वर्ष की आयु तक सेवा का लाभ दिया गया है और यह व्यवस्था आज भी जारी है। इसके बावजूद पेंशन की गणना 62 वर्ष की सेवा के आधार पर की जा रही है, जबकि अप्रैल 2024 तक सेवानिवृत्त हुए प्राध्यापकों को 65 वर्ष की सेवा को आधार मानकर पेंशन गणना का लाभ दिया गया है। महासंघ ने इस विसंगति को दूर कर समान रूप से पेंशन लाभ देने की मांग की।

Pensioners’ protest ends :   इन प्रयासों के परिणामस्वरूप विश्वविद्यालय प्रशासन स्तर पर सकारात्मक पहल हुई। विगत 5 अगस्त को लंबित महँगाई राहत संबंधी कार्रवाई की गई तथा 19 अगस्त को 24 पेंशनरों के पीपीओ (पेंशन पेमेंट ऑर्डर)जारी किए गए। इससे पेंशनरों में खुशी की लहर दौड़ गई। इसी प्रकार लंबे समय रुके महंगाई राहत को 58 प्रतिशत करने का  आदेश भी जारी कर दिया गया लंबित पेंशन प्रकरणों के निराकरण की दिशा में हुई इस कार्रवाई के बाद कृषि विश्वविद्यालय के शिक्षकों और प्रोफेसरों का धरना समाप्त कर दिया गया।

Pensioners’ protest ends :   श्री नामदेव ने बताया कि भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ ने कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, वित्त सचिव रोहित यादव तथा विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारियों के सकारात्मक सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया है। महासंघ ने कहा कि शेष लंबित प्रकरणों का भी शीघ्र निराकरण होना चाहिए। पेंशनरों की न्यायसंगत मांगों के समाधान के लिए महासंघ आगे भी लगातार प्रयास करता रहेगा।
       

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