• अजय गुप्ता
Urban Local Body Elections : सूरजपुर। ग्राम पंचायत से नगर पंचायत बनने के बाद शिवनंदनपुर पहली बार अपनी नगर सरकार चुनने जा रहा है।1जून को होने वाले इस चुनाव ने पूरे इलाके की राजनीति को गरमा दिया है। हालात ऐसे हैं कि सूरज की तपिश से ज्यादा सियासी गर्मी महसूस की जा रही है। दोपहर में भले गलियां सूनी नजर आती हों,लेकिन सुबह और शाम होते ही चुनावी चौपालें सजने लगती हैं। नेता और कार्यकर्ता पसीने से तरबतर होकर घर-घर दस्तक दे रहे हैं,क्योंकि यह चुनाव सिर्फ नगर पंचायत की कुर्सी तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि आने वाले राजनीतिक समीकरणों की दिशा तय करने वाला चुनाव भी माना जा रहा है।
Urban Local Body Elections : 4642 मतदाताओं वाली शिवनंदनपुर नगर पंचायत में भाजपा,कांग्रेस और आम आदमी पार्टी तीनों ने पूरी ताकत झोंक दी है।अध्यक्ष पद के लिए भाजपा से रितेश जायसवाल, कांग्रेस से संजय सोनी और आम आदमी पार्टी से सतपाल साहू मैदान में हैं। मुकाबला भले भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा माना जा रहा हो, लेकिन आप पार्टी भी चुनावी गणित को प्रभावित करने की स्थिति में नजर आ रही है।पहली बार नगर पंचायत बनने के कारण इस चुनाव को लेकर लोगों में अलग ही उत्साह और उत्सुकता दिखाई दे रही है।

Urban Local Body Elections : गांव की राजनीति अब नगर की सियासत में बदलती नजर आ रही है। हर मोहल्ले,चौक-चौराहे और चाय की दुकानों पर सिर्फ चुनावी चर्चाएं सुनाई दे रही हैं। कहीं विकास के मुद्दों पर बहस हो रही है तो कहीं जातीय और राजनीतिक समीकरण साधने की कवायद जारी है। सबसे ज्यादा बेचैनी नेताओं को मतदाताओं की खामोशी बढ़ा रही है। हर दल अपने पक्ष में माहौल होने का दावा जरूर कर रहा है,लेकिन मतदाता खुलकर किसी के समर्थन में सामने नहीं आ रहे। यही वजह है कि दिनभर आत्मविश्वास दिखाने वाले नेताओं की असली चिंता अब रात की रणनीतिक बैठकों में साफ नजर आने लगी है।
Urban Local Body Elections : वार्ड क्रमांक 03, 08,12 और 15 इस चुनाव के सबसे प्रतिष्ठापूर्ण वार्ड बनकर उभरे हैं, जहां मुकाबला सिर्फ प्रत्याशियों के बीच नहीं, बल्कि राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है। खासकर वार्ड क्रमांक 12 में त्रिकोणीय संघर्ष के आसार चुनाव को और रोचक बना रहे हैं। नगर पंचायत का यह चुनाव भले स्थानीय स्तर का हो, लेकिन राजनीतिक रूप से इसकी अहमियत काफी बढ़ गई है। भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए यह चुनाव प्रतिष्ठा की लड़ाई बन चुका है। प्रदेश स्तर के नेताओं की नजर भी अब शिवनंदनपुर पर टिक गई है। आने वाले दिनों में बड़े नेताओं की सभाएं, रोड शो और चुनावी रणनीतियों का दौर और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।कुल मिलाकर शिवनंदनपुर में इस वक्त सिर्फ चुनाव नहीं, बल्कि नई राजनीतिक जमीन तैयार होती दिखाई दे रही है। अब देखना दिलचस्प होगा कि पहली बार नगर सरकार चुनने जा रही जनता किसके सिर जीत का ताज सजाती है..!










