Free from Naxalism: बीजापुर। 31 मार्च 2026 के बाद बदली हुई परिस्थितियों ने पीड़िया की तस्वीर बदल दी है । अब यहां प्रशासन की नियमित पहुंच संभव हो पाई है और इसी कड़ी में गांव में पहली बार विशेष आधार नामांकन एवं अद्यतन शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर सिर्फ कागज बनाने का कार्यक्रम नहीं था, बल्कि दशकों से विकास से कटे इस गांव को मुख्यधारा से जोड़ने की शुरुआत थी। 

Free from Naxalism:  नक्सलवाद की “यूनिवर्सिटी” माना जाने वाले पीड़िया को मिलेगी नई पहचान, लगा आधार शिविर, 21 साल बाद खुले स्कूल दूरस्थ और नेटवर्कविहीन क्षेत्र होने के बावजूद शिविर में ग्रामीणों का उत्साह देखते ही बनता था। तहसीलदार गंगालूर भोजराम डहरिया और नायब तहसीलदार बीजापुर रवेन्द्र सिन्हा के मार्गदर्शन में लगे इस शिविर में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, बुजुर्ग और बच्चे अपने जरूरी दस्तावेजों के साथ पहुंचे। तकनीकी दिक्कतों के बावजूद 80 ग्रामीणों का आधार पंजीयन और अद्यतन का काम सफलतापूर्वक किया गया। अब ये लोग पेंशन, राशन, स्वास्थ्य और अन्य सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ ले सकेंगे।

Free from Naxalism:  स्थानीय लोगों का कहना है कि आधार बनने से अब उन्हें अपनी पहचान मिली है। वर्षों तक जो लोग सरकारी योजनाओं से वंचित थे, अब उनके लिए दरवाजे खुल गए हैं।नक्सल गढ़ से शांति का गांव बना पीड़िया के बुजुर्ग ग्रामीण बताते हैं कि एक समय पीड़िया नक्सली गतिविधियों का प्रमुख केंद्र था। बड़े-बड़े नक्सली नेता यहां प्रशिक्षण के लिए आते थे। गांव में दहशत का माहौल रहता था और सरकारी अमला यहां आने की हिम्मत नहीं करता था। लेकिन आज वही गांव हिंसा को पीछे छोड़कर शांति और विकास की राह पर चल पड़ा है।

Free from Naxalism: ग्रामीणों ने बताया कि अब वे सामान्य जीवन जी रहे हैं और उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ भी मिलने लगा है। : पीड़िया में बदलाव की सबसे बड़ी निशानी यहां का स्कूल है। यह विद्यालय लगभग 21 वर्षों तक बंद पड़ा था। नक्सल प्रभाव के कारण यहां पढ़ाई ठप हो गई थी। लेकिन अब स्कूल फिर से शुरू हो चुका है और यहां 84 बच्चे नियमित पढ़ाई कर रहे हैं। कक्षा में बैठे बच्चों की आवाज इस बात का सबूत है कि पीड़िया का भविष्य अब किताबों और कलम से तय होगा, न कि बंदूक से।प्रशासन का मानना है कि शिक्षा और पहचान ही किसी गांव को स्थायी रूप से मुख्यधारा से जोड़ सकती है और पीड़िया में दोनों की शुरुआत हो चुकी है।

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